![]()
अनूपपुर में झमाझम बारिश से किसानों के खिले चेहरे, धान की रोपाई को मिलेगी रफ्तार
अनूपपुर जिला मुख्यालय और उसके आसपास के ग्रामीण अंचलों में लंबे इंतजार के बाद मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। दिनभर आसमान में घने काले बादलों के डेरा डालने के बाद, शाम होते ही तेज गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। इस बारिश ने न केवल भीषण गर्मी से राहत दी है, बल्कि कृषि कार्यों में लगे किसानों के चेहरे पर भी मुस्कान लौटा दी है। जैतहरी, राजेंद्रग्राम, डैखल, फुनगा, कोतमा और बिजुरी जैसे इलाकों में हुई अच्छी वर्षा से खेती के काम में तेजी आने की उम्मीद है।
पिछले कुछ दिनों से मानसून के सुस्त पड़ने के कारण किसान मायूस थे और अपने खेतों में पर्याप्त पानी भरने का इंतजार कर रहे थे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में बारिश का यह सिलसिला इसी तरह बना रहा, तो धान की रोपाई का काम युद्धस्तर पर शुरू हो सकेगा।
पिछले 24 घंटों का बारिश का आंकड़ा
भू-अभिलेख कार्यालय के अधीक्षक प्रदीप मोगरे के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान अनूपपुर जिले में औसतन 15 मिमी (लगभग 0.59 इंच) बारिश रिकॉर्ड की गई है। विभाग का अनुमान है कि रात में शुरू हुई यह सक्रियता जिले के अन्य हिस्सों में भी व्यापक वर्षा कराएगी, जो खरीफ की फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी। विभिन्न क्षेत्रों में दर्ज की गई बारिश का विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:
| क्षेत्र का नाम | बारिश (इंच में) | बारिश (मिमी में) |
|---|---|---|
| बिजुरी | 1.38 इंच | 35.2 मिमी |
| कोतमा | 0.91 इंच | 23.3 मिमी |
| अमरकंटक | 0.90 इंच | 23.0 मिमी |
| वेंकटनगर | 0.56 इंच | 14.3 मिमी |
| बेनीबारी | 0.49 इंच | 12.6 मिमी |
| जैतहरी | 0.23 इंच | 6.0 मिमी |
| पुष्पराजगढ़ | 0.12 इंच | 3.2 मिमी |
| अनूपपुर | 0.09 इंच | 2.5 मिमी |
धान की रोपाई के लक्ष्य को पाने की चुनौती
कृषि विभाग के ताजा आंकड़ों पर नजर डालें तो इस खरीफ सीजन में जिले में 1 लाख 85 हजार हेक्टेयर भूमि पर बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हालांकि, मानसून की शुरुआती बेरुखी के कारण अब तक मात्र 59 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में ही धान की रोपाई का कार्य संपन्न हो पाया है। वर्तमान में हो रही इस बारिश को किसान एक बड़े अवसर के रूप में देख रहे हैं, जिससे रोपाई के शेष कार्य को समय रहते पूरा किया जा सके।
- फसलों को लाभ: पर्याप्त नमी से धान की फसल की ग्रोथ में होगा सुधार।
- किसानों को राहत: लंबे समय से मानसून ब्रेक के कारण बुवाई का कार्य रुका हुआ था।
- मौसम का पूर्वानुमान: बादलों की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में और अधिक बारिश की संभावना।










