देहरादून: जनता के द्वार पहुंची सरकार, सीएम धामी ने जनसेवा शिविर में सुनीं समस्याएं
देहरादून में आयोजित ‘सेवा, सुशासन और समर्पण’ कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक महत्वपूर्ण जनसेवा शिविर में शिरकत की। सहसपुर के गुरु रामराय पब्लिक स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकारी तंत्र को आम जनता के और करीब लाना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता है कि नागरिकों को अपने छोटे-छोटे कार्यों या समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, बल्कि प्रशासन खुद उनके पास जाकर सेवाएं प्रदान करे।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता में निहित है और एक जवाबदेह प्रशासन ही सुशासन की पहचान है। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान ने शासन और जनता के बीच भरोसे की एक नई नींव रखी है। यह पहल सरकारी योजनाओं को समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम साबित हो रही है, जिससे आम लोगों को योजनाओं का सीधा लाभ बिना किसी बाधा के मिल रहा है।
शिविरों के जरिए लाखों लोगों को मिल रहा लाभ
- व्यापक पहुंच: प्रदेश भर में 700 से अधिक शिविरों के माध्यम से पांच लाख से ज्यादा लोगों तक सरकार पहुंची है।
- त्वरित समाधान: देहरादून में 46 शिविरों के जरिए 39 हजार से अधिक लोगों को ऑन-द-स्पॉट सरकारी योजनाओं का लाभ मिला।
- सेवा पखवाड़ा: 4 जुलाई से शुरू हुए सेवा पखवाड़े में अब तक 64 हजार से अधिक नागरिक लाभान्वित हो चुके हैं।
- पारदर्शिता: सरकारी नियुक्तियों में नकल विरोधी कानून के तहत 34 हजार से अधिक युवाओं को निष्पक्ष नौकरियां दी गई हैं।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और सामाजिक न्याय
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर मजबूती से काम कर रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) को सामाजिक न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। साथ ही, युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए लाए गए सख्त नकल विरोधी कानून का जिक्र करते हुए कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से राज्य के युवाओं का विश्वास सरकारी तंत्र पर बढ़ा है।
शिविर के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं कई लाभार्थियों को सरकारी प्रमाण-पत्र और योजनाओं का लाभ वितरित किया। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल्स के जरिए लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान एक हजार से अधिक लोगों ने मौके पर पंजीकरण कराया और कई समस्याओं का समाधान उसी समय सुनिश्चित किया गया, जिससे स्थानीय निवासियों में काफी उत्साह देखने को मिला।





