उत्तराखंड: सरकार अब आपके द्वार, मौके पर हल हो रही जन-समस्याएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के पांच वर्षों के सफल कार्यकाल के उपलक्ष्य में ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ अभियान का आयोजन किया गया। इस विशेष पहल के तहत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के जरिए पूरे प्रदेश में बहुउद्देशीय शिविरों की झड़ी लगा दी गई। इन शिविरों का मुख्य…

उत्तराखंड में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’: धामी सरकार के सेवा अभियान से हजारों लोगों को मिला लाभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के पांच वर्षों के सफल कार्यकाल के उपलक्ष्य में ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण’ अभियान का आयोजन किया गया। इस विशेष पहल के तहत ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम के जरिए पूरे प्रदेश में बहुउद्देशीय शिविरों की झड़ी लगा दी गई। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं को सीधे आम जनता की चौखट तक पहुंचाना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी लाभ से वंचित न रहे।

इन शिविरों में स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, समाज कल्याण और महिला एवं बाल विकास जैसे दर्जनों विभागों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। मौके पर ही स्टॉल लगाकर न केवल सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई, बल्कि पात्र लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र, पेंशन, स्वरोजगार के लिए चेक और अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी ने समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बना दिया, जिससे सुदूरवर्ती क्षेत्रों के ग्रामीणों को काफी राहत मिली है।

विभिन्न जिलों में शिविरों का व्यापक असर

  • नैनीताल (कोटाबाग): यहां 510 लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिला, वहीं 250 में से 190 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया गया।
  • उत्तरकाशी (पुरोला): शिविर में 290 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया और सभी 5 प्राप्त शिकायतों का तुरंत समाधान किया गया।
  • हरिद्वार (नारसन): कुल 264 नागरिकों ने शिविर का लाभ लिया और 11 में से 6 समस्याओं का मौके पर ही निराकरण हुआ।
  • चम्पावत (रेगड़ू): 359 लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ा गया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा- विकास की राह में कोई पीछे न रहे

राज्य भर में आयोजित इन शिविरों के आंकड़ों पर गौर करें तो 2,366 से अधिक लाभार्थियों को सरकारी सेवाओं का लाभ मिला है। कुल 389 शिकायतों में से 257 का निस्तारण घटनास्थल पर ही कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को भेजकर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अभियान को अपनी कार्यसंस्कृति का आधार बताते हुए कहा कि सरकार का संकल्प अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है।

इस दौरान प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों ने शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने साफ तौर पर निर्देश दिए हैं कि शिकायतों के निस्तारण में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का स्पष्ट मानना है कि शासन और प्रशासन के बीच की दूरी कम होने से ही राज्य का सर्वांगीण विकास संभव है, और यह अभियान इसी दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम साबित हो रहा है।