Bhilwara: उदयपुर में प्रसूता की मौत, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप

भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय में एक बार फिर चिकित्सा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक 20 वर्षीय प्रसूता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान जहाजपुर क्षेत्र के रघुनाथपुरा रावत खेड़ा गांव की निवासी ज्योति कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों ने अस्पताल…

भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में प्रसूता की मौत: परिजनों ने लगाया लापरवाही का गंभीर आरोप

भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय में एक बार फिर चिकित्सा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक 20 वर्षीय प्रसूता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान जहाजपुर क्षेत्र के रघुनाथपुरा रावत खेड़ा गांव की निवासी ज्योति कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए भीलवाड़ा एसपी को लिखित शिकायत सौंपी है।

ऑपरेशन के बाद बिगड़ी तबीयत, उदयपुर रेफर किया गया

मृतका के पति फोरूलाल कीर ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि उन्होंने 7 जुलाई को ज्योति को प्रसव के लिए महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया था। 8 जुलाई की सुबह सीजेरियन ऑपरेशन के जरिए उन्होंने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन 9 जुलाई की रात अचानक ज्योति की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। उसे असहनीय सिरदर्द हुआ और देखते ही देखते वह बेहोश हो गई। हालत नाजुक देखते हुए उसे मेडिकल आईसीयू में शिफ्ट किया गया, लेकिन सुधार न होने पर 10 जुलाई को उसे उदयपुर रेफर कर दिया गया।

उदयपुर के डॉक्टरों का खुलासा: पेट में था संक्रमण

परिजनों के अनुसार, जब वे ज्योति को लेकर उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज पहुंचे, तो वहां के चिकित्सकों ने जांच के बाद चौंकाने वाला खुलासा किया। उदयपुर के डॉक्टरों ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान पेट में गंदा पानी (संक्रमित द्रव) रह गया था, जिसके कारण संक्रमण पूरे शरीर में फैल गया और स्थिति जानलेवा हो गई।

घटनाक्रमतिथि
अस्पताल में भर्ती7 जुलाई
सीजेरियन ऑपरेशन8 जुलाई
तबीयत बिगड़ी9 जुलाई
उदयपुर रेफर10 जुलाई
निधन13 जुलाई

इलाज के दौरान तोड़ा दम, परिवार में मातम

उदयपुर के अस्पताल में तीन दिनों तक मौत से जंग लड़ने के बाद 13 जुलाई को ज्योति ने दम तोड़ दिया। इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। ज्योति की नवजात बच्ची अब अपनी बुआ काली देवी की देखरेख में है। परिजनों का आरोप है कि भीलवाड़ा में इलाज के दौरान उन्हें वास्तविकता से दूर रखा गया और सही जानकारी नहीं दी गई।

  • परिजनों ने मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
  • अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
  • पीड़ित परिवार ने एसपी को शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है।

फिलहाल, इस मामले ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में होने वाली सर्जरी और उसके बाद की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब मामले की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वास्तव में यह चिकित्सा लापरवाही का मामला है।