Surajpur: आपदा प्रबंधन के लिए केनापारा में हाई-टेक मॉक ड्रिल, कलेक्टर ने लिया जायजा

सूरजपुर जिला प्रशासन ने मानसून सीजन के दौरान संभावित बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए अपनी कमर कस ली है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को ग्राम पंचायत केनापारा स्थित पोखरी में एक विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण…

सूरजपुर में मानसून की आपदाओं से निपटने के लिए प्रशासन अलर्ट, मॉक ड्रिल के जरिए परखी तैयारी

सूरजपुर जिला प्रशासन ने मानसून सीजन के दौरान संभावित बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए अपनी कमर कस ली है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को ग्राम पंचायत केनापारा स्थित पोखरी में एक विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण अभ्यास में बाढ़ बचाव दल और अग्निशमन विभाग के जवानों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर रेना जमील मुख्य रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने न केवल बचाव कार्यों की पूरी प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण किया, बल्कि राहत कार्यों में लगे अधिकारियों और बचाव दल के जवानों का हौसला भी बढ़ाया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि आपदा प्रबंधन में हर सेकंड कीमती होता है, इसलिए प्रशासन की तैयारी पूरी तरह चाक-चौबंद होनी चाहिए।

मॉक ड्रिल: डूबते व्यक्ति को बचाने का लाइव प्रदर्शन

अभ्यास के दौरान एक काल्पनिक स्थिति पैदा की गई, जिसमें सूचना दी गई कि पोखरी में एक व्यक्ति डूब रहा है। सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल ने तत्परता दिखाते हुए मोर्चा संभाल लिया। टीम ने मोटरबोट, आधुनिक लाइफ-सेविंग उपकरणों और प्रशिक्षित गोताखोरों की मदद से चंद मिनटों में रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा कर लिया। इस दौरान बचाव दल ने निम्नलिखित उपकरणों का कुशलतापूर्वक प्रदर्शन किया:

उपकरण का नामउपयोगिता
मोटरबोटगहरे पानी में तेजी से पहुंचने के लिए
लाइफ जैकेटबचाव कार्य के दौरान सुरक्षा के लिए
रस्सी और हुकडूबते व्यक्ति को खींचने के लिए

ग्रामीणों को दी गई सुरक्षा और बचाव की सीख

इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल सरकारी तैयारी परखना ही नहीं, बल्कि आम जनता को जागरूक करना भी था। विशेषज्ञों ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों को आपदा की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से समझाया। ग्रामीणों को बताया गया कि:

  • संयम बनाए रखें: आपदा के समय घबराने के बजाय धैर्य से काम लें।
  • घरेलू संसाधनों का उपयोग: आपातकाल में घर में उपलब्ध सामान जैसे खाली प्लास्टिक बोतल या टायर का उपयोग लाइफ-सेविंग के लिए कैसे करें।
  • प्रशासन का सहयोग: प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।
  • तत्काल सूचना: किसी भी अनहोनी की जानकारी तुरंत नियंत्रण कक्ष या संबंधित अधिकारियों को दें।

इस सफल मॉक ड्रिल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सूरजपुर जिला प्रशासन किसी भी प्राकृतिक चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और आपदा प्रबंधन के गुर सीखे।