रायसेन में जमीन के लालच में खूनी खेल: बड़े भाई ने छोटे भाई को उतारा मौत के घाट
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में जमीन के एक छोटे से टुकड़े ने रिश्तों का खून कर दिया। एक एकड़ जमीन पर कब्जा जमाने की नीयत से एक बड़े भाई ने अपने छोटे भाई को चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस खूनी संघर्ष में मृतक के दो बेटे भी गंभीर रूप से घायल हो गए। हैरान करने वाली बात यह है कि 20 साल पहले ही यह जमीन चार लाख रुपये में बेची जा चुकी थी, लेकिन हाल के वर्षों में जमीन की कीमतों में भारी उछाल आने के बाद बड़े भाई की नीयत डोल गई।
यह जघन्य वारदात मंडीदीप के गौहरगंज थाना क्षेत्र में 14 जुलाई को अंजाम दी गई। आरोपी ने अपनी पत्नी, बेटी और दामाद के साथ मिलकर इस हमले को अंजाम दिया। फिलहाल, मुख्य आरोपी समेत चार लोग पुलिस की गिरफ्त में हैं और जेल की सलाखों के पीछे हैं।
पिकनिक मनाने निकले परिवार पर हुआ जानलेवा हमला
मृतक विष्णु प्रसाद सेन (61) के भतीजे प्रिंस सेन ने बताया कि घटना वाले दिन पूरा परिवार खुशी-खुशी ‘परवरिया सड़क माता मंदिर’ पिकनिक मनाने जा रहा था। तभी उन्हें सूचना मिली कि बड़ा भाई नारायण सिंह खेत पर कब्जा करने के लिए उसे जोत रहा है। जैसे ही विष्णु प्रसाद अपने बेटों के साथ मौके पर पहुंचे, नारायण सिंह ने बैग से चाकू निकालकर हमला कर दिया।
- विष्णु प्रसाद: कमर (रीढ़ की हड्डी) में चाकू घोंपा गया, इलाज के दौरान मौत।
- अखिलेश (बेटा): गर्दन पर चाकू से गहरा घाव।
- अजय (बेटा): कंधे पर चाकू से वार।
हमले के दौरान नारायण सिंह की पत्नी और बेटी ने भी विष्णु प्रसाद के परिवार पर डंडों से हमला किया। जब घायल परिवार जान बचाकर अस्पताल की ओर भागा, तो रास्ते में आरोपी के दामाद और अन्य गुर्गों ने उन्हें घेरकर फिर से पीटा। अंततः भोपाल एम्स में इलाज के दौरान विष्णु प्रसाद ने दम तोड़ दिया।
विवाद की जड़: 20 साल पुराना जमीन का सौदा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास की धाराओं में मामला दर्ज किया है। विवाद के मुख्य बिंदु नीचे दी गई तालिका में देखे जा सकते हैं:
| विषय | विवरण |
|---|---|
| विवादित संपत्ति | नगरी गांव में एक एकड़ जमीन |
| पुराना सौदा | 20 साल पहले 4 लाख रुपये में हुई थी बिक्री |
| मुख्य कारण | जमीन की कीमत बढ़ने से लालच पैदा होना |
| पुलिस कार्रवाई | मुख्य आरोपी नारायण सिंह, दामाद और अन्य गिरफ्तार |
भरोसे का गला घोंटा
बताया जाता है कि विष्णु प्रसाद ने भाई के प्रति विश्वास जताते हुए रजिस्ट्री नहीं करवाई थी, जो अंत में उनकी मौत का कारण बनी। नारायण सिंह ने न केवल जमीन हथियाने की कोशिश की, बल्कि विष्णु प्रसाद के परिवार के साथ मारपीट भी की। आरोपी का परिवार अब सलाखों के पीछे है और गांव में उनके घर पर ताला लटका हुआ है। विष्णु प्रसाद के परिवार में अब मातम पसरा है और उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।









