राम मंदिर चढ़ावे में वित्तीय अनियमितता का आरोप, कांग्रेस ने सरकार को घेरा
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता सुरेंद्र शर्मा और जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवीन जायसवाल ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा, आरएसएस और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अयोध्या स्थित राम मंदिर में मिले चढ़ावे और वित्तीय प्रबंधन में कथित अनियमितताओं को करोड़ों देशवासियों की आस्था के साथ बड़ा विश्वासघात करार दिया है। कांग्रेस नेताओं ने इस मामले की गहन जांच की मांग उठाई है।
राम के नाम पर राजनीति और आस्था के साथ खिलवाड़
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि भाजपा ने दशकों तक भगवान श्रीराम के नाम पर राजनीति करके सत्ता की सीढ़ियां चढ़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के गरीब, किसान, मजदूर और आम श्रद्धालु अपनी गाढ़ी कमाई, गहने और जीवनभर की बचत मंदिर निर्माण के लिए दान करते रहे हैं। अब वही रामभक्त यह जानने को उत्सुक हैं कि उनके द्वारा दिया गया चंदा और चढ़ावा आखिर किस खाते में गया और उसका उपयोग कहां हुआ।
- आस्था का अपमान: कांग्रेस ने इसे केवल आर्थिक भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताया है।
- पारदर्शिता का अभाव: मंदिर निर्माण के नाम पर मिले चंदे में पहले भी सवाल उठे थे, और अब चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोप सामने आ रहे हैं।
- भाजपा का दोहरा चेहरा: कांग्रेस का आरोप है कि यह ‘राम के नाम पर राजनीति और आस्था के नाम पर लूट’ का जीता-जागता उदाहरण है।
जांच से क्यों भाग रही है भाजपा?
सुरेंद्र शर्मा ने पारदर्शिता पर कड़े सवाल खड़े करते हुए पूछा कि यदि सब कुछ सही था, तो ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों ने इस्तीफे क्यों दिए? उन्होंने मांग की कि यदि कोई अनियमितता नहीं है, तो सरकार सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच से क्यों डर रही है? कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मामले को दबाने के लिए केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि असली दोषियों को बचाने की कोशिश हो रही है।
| मुद्दा | कांग्रेस का आरोप |
|---|---|
| वित्तीय अनियमितता | मंदिर ट्रस्ट के फंड में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका। |
| नैतिक जिम्मेदारी | प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को इस मामले पर जवाब देना चाहिए। |
| जांच की मांग | सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच आवश्यक। |
अंत में, कांग्रेस नेताओं ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन में केंद्र सरकार की भूमिका स्पष्ट रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह इस मामले में अपनी नैतिक जवाबदेही से बच नहीं सकते। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि जब तक इस पूरे मामले का दूध का दूध और पानी का पानी नहीं हो जाता, तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे।










