उज्जैन: नर्मदा परियोजना के महंगे उपकरण चोरी करते पकड़ा गया युवक, ग्रामीणों ने सिखाया सबक
उज्जैन जिले के तराना क्षेत्र में शुक्रवार की शाम नर्मदा परियोजना के कीमती उपकरणों पर हाथ साफ करने वाले एक चोर को अधिकारियों और स्थानीय ग्रामीणों ने रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी को मौके पर पकड़े जाने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आरोपी के कब्जे से इजराइल से आयातित 28 पीएफसीएमबी (PFCMB) वाल्व बरामद किए गए हैं। इन उपकरणों की लगातार हो रही चोरी के कारण क्षेत्र के 55 गांवों में जलापूर्ति व्यवस्था ठप होने का गंभीर संकट मंडरा रहा था।
वाल्व की अहमियत और पेयजल आपूर्ति
नर्मदा परियोजना के अधिकारी रितेश दीक्षित ने बताया कि तराना, शाजापुर, मक्सी और महिदपुर के ग्रामीण तथा औद्योगिक इलाकों में जल वितरण के लिए 1,540 ओएमएस (OMS) बॉक्स लगाए गए हैं। इन बॉक्स में इजराइल निर्मित विशेष पीएफसीएमबी वाल्व लगे हैं, जो भारत में आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। इन वाल्वों की मदद से कंट्रोल रूम से ही पानी की आपूर्ति को नियंत्रित किया जाता है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ समय से करंज, नाटाखेड़ी, बघेरा और पल्दुना जैसे गांवों से इन बेशकीमती वाल्वों की चोरी की घटनाएं बढ़ गई थीं, जिससे जलापूर्ति बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया था। इसके चलते विभाग ने कर्मचारियों को गश्त के लिए सतर्क कर दिया था।
पकड़ी गई चोरी की पूरी खेप
शुक्रवार को नाटाखेड़ी प्रोजेक्ट पर तैनात कर्मचारी बलराम गुर्जर ने एक संदिग्ध को ओएमएस बॉक्स से वाल्व निकालते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी की पहचान देवास जिले के टोंक खुर्द निवासी दरबार सिंह के रूप में हुई। मौके पर पहुंची भीड़ ने आरोपी की धुनाई कर दी। तलाशी के दौरान उसके बैग से 28 वाल्व मिले, जिनकी कुल कीमत हजारों में है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| प्रति वाल्व कीमत | लगभग ₹2,400 |
| कुल बरामद वाल्व | 28 नग |
| कुल बरामद कीमत | ₹67,200 से अधिक |
| कुल स्थापित वाल्व | 4,250 |
पुलिस की कार्रवाई और गिरोह की तलाश
घटना के बाद अधिकारियों ने आरोपी को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का मानना है कि यह केवल एक व्यक्ति का काम नहीं है, बल्कि इसके पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ हो सकता है। फिलहाल, पुलिस मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है।










