Drug case: पूर्व नपाध्यक्ष के बेटे और फर्जी डॉक्टर समेत 11 गिरफ्तार, भारी मात्रा में स्मैक जब्त

दैनिक भास्कर द्वारा नशे के काले कारोबार पर किए गए सनसनीखेज खुलासे के बाद मध्य प्रदेश पुलिस हरकत में आई है। भोपाल, राजगढ़, शुजालपुर और इंदौर समेत कई जिलों में पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी की है। इस विशेष अभियान के तहत महज दो दिनों के भीतर पिछले साल की तुलना में 5 गुना ज्यादा स्मैक…

नशे के खिलाफ पुलिस का बड़ा प्रहार: 11 तस्कर गिरफ्तार, फर्जी डॉक्टर का क्लिनिक सील

दैनिक भास्कर द्वारा नशे के काले कारोबार पर किए गए सनसनीखेज खुलासे के बाद मध्य प्रदेश पुलिस हरकत में आई है। भोपाल, राजगढ़, शुजालपुर और इंदौर समेत कई जिलों में पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी की है। इस विशेष अभियान के तहत महज दो दिनों के भीतर पिछले साल की तुलना में 5 गुना ज्यादा स्मैक जब्त की गई है। इस कार्रवाई में अब तक पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष के बेटे और एक फर्जी डॉक्टर समेत 11 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।

शुजालपुर में फर्जी डॉक्टर का पर्दाफाश

भास्कर की पड़ताल के बाद शुजालपुर के बजरंग अखाड़ा मार्ग स्थित ‘खान दवाखाना’ पर प्रशासन का डंडा चला। स्टिंग ऑपरेशन में यह खुलासा हुआ था कि यहाँ बिना किसी वैध डॉक्टर के पर्चे के युवाओं को ऊंचे दामों पर ‘एविल’ (Avil) इंजेक्शन बेचे जा रहे थे।

  • भारी मात्रा में बरामदगी: नूरपुरा स्थित एक मकान में ड्रमों में छिपाकर रखे गए 300 एविल इंजेक्शन जब्त किए गए।
  • खतरनाक डोज: बरामद इंजेक्शनों से नशे के करीब 6000 डोज तैयार किए जा सकते थे।
  • प्रशासनिक कार्रवाई: स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग और ड्रग इंस्पेक्टर की टीम ने क्लिनिक का ताला तोड़कर उसे सील कर दिया है।

नशे के सौदागरों पर शिकंजा

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े कई बड़े नामों को दबोचा है। मंडी थाना पुलिस ने कृष्णानगर निवासी घनश्याम उर्फ नौरंगी को स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है, जो पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष का बेटा है। उस पर तस्करी के 19 से अधिक गंभीर मामले पहले से ही दर्ज हैं। वहीं, अन्य फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

प्रमुख बिंदुविवरण
गिरफ्तार आरोपी11 (जिसमें पूर्व नपाध्यक्ष का बेटा और फर्जी डॉक्टर शामिल)
जब्त सामग्री300 एविल इंजेक्शन, स्मैक और अन्य मादक पदार्थ
मुख्य क्षेत्रभोपाल, शुजालपुर, इंदौर और राजगढ़

मंत्री ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल

हालांकि, इस बड़ी कार्रवाई के बावजूद स्थानीय विधायक और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार पुलिस के कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मीडिया के स्टिंग के बाद पुलिस ने जो कार्रवाई की, वह अपेक्षित स्तर की नहीं है और इसमें लीपापोती की बू आ रही है।

भास्कर की पड़ताल: राजस्थान से एमपी तक ड्रग्स का जाल

भास्कर की महीने भर चली पड़ताल में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:

  • यूनिवर्सिटी तक पहुंच: ड्रग तस्कर कॉलेज कैंपस के गार्डों के जरिए छात्रों को अपना शिकार बना रहे हैं।
  • तेज डिलीवरी: राजस्थान सीमा से महज 10-12 मिनट के भीतर ड्रग्स की खेप एमपी पहुंचाई जा रही है।
  • जानलेवा कॉकटेल: स्मैक और एविल इंजेक्शन का मिश्रण युवाओं के लिए बेहद घातक साबित हो रहा है, जो सीधे जान पर बन आता है।

पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के सरगनाओं तक पहुंचने के लिए पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है।