School विवाद: वाड्रफनगर में प्राचार्य से मारपीट पर 2 लैब असिस्टेंट सस्पेंड

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसंतपुर में हुई एक शर्मनाक घटना के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विद्यालय में पदस्थ प्रभारी प्राचार्य और एक व्याख्याता के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो प्रयोगशाला सहायकों को…

बलरामपुर: स्कूल में प्राचार्य और शिक्षक से मारपीट पर दो लैब असिस्टेंट सस्पेंड

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बसंतपुर में हुई एक शर्मनाक घटना के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विद्यालय में पदस्थ प्रभारी प्राचार्य और एक व्याख्याता के साथ कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो प्रयोगशाला सहायकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

समय-सारणी को लेकर हुआ था विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद स्कूल की समय-सारणी (टाइम-टेबल) को लेकर शुरू हुआ था। विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) वाड्रफनगर द्वारा 15 जुलाई को सौंपी गई जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ है कि प्रयोगशाला सहायक अयोध्या प्रसाद यादव और विजय कुमार यादव ने प्रभारी प्राचार्य अनंत कुमार यादव और व्याख्याता इजहारूल हक अंसारी के साथ न केवल बदसलूकी की, बल्कि उनके साथ मारपीट भी की।

निलंबित कर्मचारियों का विवरण

कर्मचारी का नामपदकार्यवाही
अयोध्या प्रसाद यादवप्रयोगशाला सहायकनिलंबित
विजय कुमार यादवप्रयोगशाला सहायकनिलंबित

आचरण नियमों का गंभीर उल्लंघन

जिला शिक्षा अधिकारी ने अपने आदेश में इस घटना को गंभीर अनुशासनहीनता करार दिया है। विभाग का मानना है कि इस तरह के कृत्य से विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण दूषित होता है और विद्यार्थियों के बीच शिक्षकों की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। दोनों कर्मचारियों का यह व्यवहार छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का सीधा उल्लंघन है।

विभाग की सख्त कार्रवाई

  • निलंबन का आदेश: छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत दोनों को तत्काल प्रभाव से सेवा से निलंबित किया गया है।
  • मुख्यालय का निर्धारण: निलंबन की अवधि के दौरान दोनों कर्मचारियों का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, रामचंद्रपुर तय किया गया है।
  • जीवन निर्वाह भत्ता: नियमों के अनुसार, निलंबन अवधि में दोनों कर्मचारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

इस कार्रवाई के साथ ही शिक्षा विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शैक्षणिक संस्थानों की गरिमा बनाए रखना सर्वोपरि है। भविष्य में यदि कोई भी कर्मचारी अनुशासनहीनता या मारपीट जैसी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ इसी प्रकार की कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।