वाराणसी में बोले डिप्टी सीएम केशव मौर्य: विकसित पंचायतों के बिना अधूरा है ‘विकसित भारत’ का संकल्प
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश सरकार का मुख्य केंद्र बिंदु ग्रामीण अंचलों का सर्वांगीण उत्थान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक हमारी पंचायतें आत्मनिर्भर और विकसित नहीं होंगी, तब तक ‘विकसित भारत’ का सपना साकार नहीं हो सकता। उपमुख्यमंत्री ने विश्वास जताते हुए कहा कि आने वाला दौर भारत, उत्तर प्रदेश और समूचे उत्तर भारत के लिए स्वर्णिम युग साबित होगा।
ग्रामीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
वाराणसी स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय और उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास विभाग द्वारा आयोजित ‘पंच सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए केशव मौर्य ने कहा कि नई ग्रामीण योजनाओं का खाका गांवों में बुनियादी ढांचा, रोजगार के अवसर, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए दावा किया कि पहले मनरेगा जैसी योजनाओं में केवल धन की बंदरबांट होती थी, जबकि अब मौजूदा सरकार ‘विकसित पंचायत’ की अवधारणा पर काम कर रही है, ताकि विकास का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचे।
गरीबी उन्मूलन और विकास की नई इबारत
डिप्टी सीएम ने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के कुशल नेतृत्व में करोड़ों लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने में सफलता मिली है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, मुफ्त राशन वितरण, सुदृढ़ सड़क नेटवर्क और कानून-व्यवस्था में सुधार को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। साथ ही, उन्होंने नक्सलवाद पर प्रभावी नियंत्रण और जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटाए जाने को ऐतिहासिक कदम करार दिया। केशव मौर्य ने दोहराया कि एक सशक्त और विकसित उत्तर प्रदेश ही भविष्य के भारत की मजबूत नींव रखेगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती
कार्यक्रम में केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि देश की 70 प्रतिशत आबादी गांवों में बसती है, इसलिए भारत का भविष्य ग्रामीण विकास से ही तय होगा। उन्होंने सभी ग्राम प्रधानों से आह्वान किया कि वे विकसित पंचायतों के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय केंद्र सरकार का तीसरा सबसे बड़ा विभाग है, जो आने वाले 25 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर नीतियां बना रहा है। उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष जोर दिया:
- स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना।
- सरस मेलों का नियमित आयोजन करना ताकि ग्रामीण कारीगरों को मंच मिले।
- ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देना।
| प्रमुख बिंदु | विवरण |
|---|---|
| मुख्य अतिथि | केशव प्रसाद मौर्य (डिप्टी सीएम, यूपी) |
| आयोजन स्थल | रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर, वाराणसी |
| उद्देश्य | विकसित पंचायत और ग्रामीण आत्मनिर्भरता |
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