राजस्थान में ट्रांसपोर्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल समाप्त, सरकार के साथ बनी सहमति
राजस्थान में पिछले कई दिनों से जारी ट्रांसपोर्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को आधिकारिक तौर पर खत्म हो गई है। यह हड़ताल मुख्य रूप से व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD), ई-डिटेक्शन चालान और परमिट से जुड़ी समस्याओं के विरोध में की गई थी। परिवहन मुख्यालय में ट्रांसपोर्ट संगठनों और परिवहन विभाग के आला अधिकारियों के बीच हुई मैराथन बैठक के बाद दोनों पक्षों में महत्वपूर्ण सहमति बनी, जिसके बाद राजस्थान ट्रक ट्रांसपोर्ट संघर्ष समिति ने अपना आंदोलन वापस लेने की घोषणा कर दी।
परिवहन विभाग का लिखित आश्वासन और आगे की रणनीति
बैठक के बाद परिवहन विभाग ने ट्रांसपोर्टरों की मांगों के समाधान के लिए लिखित आदेश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कुछ मांगों पर तत्काल प्रभाव से निर्णय ले लिए गए हैं, जबकि अन्य जटिल मुद्दों के समाधान के लिए एक विशेष विभागीय समिति का गठन किया जाएगा। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में किसी भी नीतिगत बदलाव से पहले ट्रांसपोर्टरों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय
- VLTD के लिए नई SOP: विभाग ने 13 जुलाई को ही नई SOP जारी कर दी है, जिससे अधिकृत कंपनियों के माध्यम से डिवाइस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
- ई-डिटेक्शन चालान समिति: शिकायतों के निस्तारण के लिए एक विभागीय समिति बनाई जाएगी जो ट्रांसपोर्टरों की समस्याओं की सुनवाई करेगी।
- फिटनेस केंद्रों का विस्तार: राज्य में 40 ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन पहले से सक्रिय हैं और 43 नए केंद्रों को मंजूरी दी गई है, ताकि हर जिले में फिटनेस सुविधा मिल सके।
- मासिक सुनवाई: हर महीने के पहले सोमवार को जिला परिवहन कार्यालय में वाहन मालिकों और ट्रांसपोर्टरों के साथ बैठक अनिवार्य की गई है।
- सम्मानजनक व्यवहार: विभाग ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि अधिकारी और कर्मचारी वाहन मालिकों व ड्राइवरों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करें।
माल ढुलाई और परिवहन व्यवस्था होगी सामान्य
हड़ताल समाप्त होने के बाद अब राजस्थान में माल ढुलाई और परिवहन सेवाएं धीरे-धीरे पटरी पर लौटने की उम्मीद है। ट्रांसपोर्ट संगठनों ने सरकार की सकारात्मक पहल का स्वागत करते हुए कहा कि लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अपनी हड़ताल वापस ली है। विभाग ने यह भी कहा है कि वाहन फिटनेस प्रक्रिया को अब और अधिक सरल बनाया जाएगा ताकि वाहन मालिकों को किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
| मुद्दा | विभाग द्वारा लिया गया निर्णय |
|---|---|
| VLTD समस्या | नई SOP लागू, डिवाइस की आसान उपलब्धता |
| ई-डिटेक्शन चालान | जांच हेतु विभागीय समिति का गठन |
| फिटनेस सेंटर | 43 नए केंद्रों को मंजूरी, हर जिले में सुविधा |
| शिकायत निवारण | प्रत्येक महीने के पहले सोमवार को बैठक |
इस समझौते के साथ ही प्रदेश के हजारों ट्रांसपोर्टरों ने राहत की सांस ली है। परिवहन विभाग ने उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में डिजिटल प्रक्रियाओं के सरलीकरण से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय में पारदर्शिता आएगी और विवादों में कमी आएगी।










