तुलसी के लिए वास्तु टिप्स: घर में सुख-समृद्धि के लिए इन स्थानों पर न रखें पौधा
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सनातन धर्म में तुलसी के पौधे को अत्यधिक पवित्र और पूजनीय माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, तुलसी स्वयं माता लक्ष्मी का स्वरूप हैं और जिस घर में इनका वास होता है, वहां सदैव सुख-शांति बनी रहती है। प्रतिदिन विधि-विधान से तुलसी की पूजा करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है, जिससे घर में कभी भी आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता। हालांकि, वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि तुलसी का पौधा सही दिशा या स्थान पर न रखा जाए, तो इसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त नहीं होते। आइए जानते हैं कि किन जगहों पर तुलसी का पौधा भूलकर भी नहीं रखना चाहिए।
किन जगहों पर न लगाएं तुलसी का पौधा?
वास्तु शास्त्र में तुलसी के रखरखाव को लेकर कड़े नियम बताए गए हैं। घर में नकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश को रोकने और सकारात्मकता बनाए रखने के लिए नीचे दी गई जगहों पर तुलसी लगाने से बचें:
- दक्षिण दिशा: वास्तु के अनुसार, दक्षिण दिशा को यमराज की दिशा माना जाता है। इस दिशा में तुलसी का पौधा रखने से घर में नकारात्मकता का वास होता है, इसलिए इसे उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में ही लगाना शुभ होता है।
- बेडरूम: बेडरूम में तुलसी का पौधा कभी नहीं रखना चाहिए। यह स्थान पवित्रता की श्रेणी में नहीं आता, जबकि तुलसी की पूजा के लिए शुद्ध वातावरण अनिवार्य है।
- रसोई घर: रसोई में गैस, धुआं और भोजन की महक होती है, जो तुलसी की पवित्रता के प्रतिकूल है। अतः रसोई में इसे न रखें।
- बाथरूम या टॉयलेट के पास: घर के इन स्थानों के आसपास नकारात्मक ऊर्जा अधिक होती है, इसलिए इनके निकट तुलसी का गमला रखना बेहद अशुभ माना जाता है।
- मुख्य द्वार के सामने: मुख्य दरवाजे के ठीक सामने तुलसी रखने से ‘द्वार वेध दोष’ उत्पन्न होता है, जो पारिवारिक सुख में बाधा बन सकता है।
- कांटेदार पौधों के साथ: कैक्टस या दूध निकलने वाले पौधों के साथ तुलसी को कभी न रखें। यह मेल नकारात्मक प्रभाव डालता है।
| सही दिशा | गलत दिशा/स्थान |
|---|---|
| उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व | दक्षिण, बेडरूम, रसोई, शौचालय के पास |
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और वास्तु शास्त्र पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है।









