Cyber ठगी: बैतूल में 1.93 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाला गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में करीब 1.93 करोड़ रुपये के बड़े ऑनलाइन निवेश घोटाले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी योगेश कुमार साहू को धर दबोचा है। आरोपी पिछले डेढ़ साल से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा…

बैतूल में 1.93 करोड़ की ऑनलाइन ठगी: मुख्य आरोपी योगेश साहू गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में करीब 1.93 करोड़ रुपये के बड़े ऑनलाइन निवेश घोटाले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी योगेश कुमार साहू को धर दबोचा है। आरोपी पिछले डेढ़ साल से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसे स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से घोटाले से जुड़ी अहम कड़ियों को खंगालने की तैयारी में है।

‘रोबोट्रेड’ ऐप के जरिए दिया गया झांसा

इस हाई-प्रोफाइल ठगी का खुलासा 9 फरवरी 2025 को हुआ था। गंज क्षेत्र के भग्गूढाना निवासी कुलदीप राठौर ने बैतूल बाजार थाना में मामला दर्ज कराया था। शिकायत के मुताबिक, ठगों ने ‘रोबोट्रेड’ नामक एक फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग एप्लीकेशन का इस्तेमाल कर लोगों को निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया था।

  • विश्वास बहाली: शुरुआत में ऐप पर निवेश का मुनाफा दिखाया गया, जिससे निवेशकों का भरोसा जीता गया।
  • धोखाधड़ी का तरीका: निवेशकों से अलग-अलग बैंक खातों में करोड़ों रुपये जमा करवाए गए।
  • निकासी पर रोक: जब निवेशकों ने अपना पैसा वापस निकालने की कोशिश की, तो ट्रांजेक्शन रोक दिए गए और आरोपियों ने संपर्क तोड़ लिया।

जांच और गिरफ्तारियों का सिलसिला

पुलिस ने इस मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अब तक कई गिरफ्तारियां की हैं:

आरोपी का नामस्थिति
मिलन राठौरमुख्य आरोपी (पूर्व में गिरफ्तार, 10 हजार का इनाम)
पंकज उर्फ ज्ञानप्रकाश साहूसह-आरोपी (पूर्व में गिरफ्तार)
योगेश कुमार साहूहाल ही में गिरफ्तार (मुख्य कड़ी)

छत्तीसगढ़ कनेक्शन और आगे की कार्रवाई

पकड़ा गया आरोपी 35 वर्षीय योगेश कुमार साहू छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के कातुलबोर्ड स्थित पामवुड रेसिडेंसी का निवासी है। पुलिस के अनुसार, वह इस पूरे ठगी नेटवर्क का एक मुख्य सूत्रधार है। रिमांड के दौरान पुलिस उसे छत्तीसगढ़ ले जाकर उसके बैंक खातों, इस्तेमाल किए गए डिजिटल डिवाइस और पैसों के लेनदेन की बारीकी से जांच करेगी। इसके साथ ही, ठगी की रकम को किन-किन खातों में ठिकाने लगाया गया और इसमें और कौन-कौन से लोग शामिल हैं, इस दिशा में भी गहन पूछताछ की जाएगी।