दमोह को नशा मुक्त बनाने की पहल: पुलिस अधीक्षक ने जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी
मध्य प्रदेश के दमोह जिले में समाज को नशे की कुरीतियों से बचाने के लिए एक विशेष अभियान का आगाज किया गया है। बुधवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) आनंद कलादगी ने आधिकारिक तौर पर नशा मुक्ति अभियान की शुरुआत की। एसपी कार्यालय परिसर से उन्होंने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर जिले के विभिन्न क्षेत्रों के लिए रवाना किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से नशा मुक्ति की शपथ ली और समाज को सुरक्षित बनाने का संकल्प लिया।
अभियान का मुख्य उद्देश्य और रूपरेखा
एसपी आनंद कलादगी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान पुलिस मुख्यालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित किया जा रहा है। पिछले वर्ष से शुरू हुई इस मुहिम को आगे बढ़ाते हुए इस साल 15 जुलाई से 30 जुलाई तक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस अभियान का प्राथमिक लक्ष्य आमजन को नशे के घातक परिणामों के प्रति सचेत करना और नशे की लत के शिकार व्यक्तियों को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए प्रेरित करना है।
अभियान की प्रमुख रणनीतियां
- जन-जागरूकता: पुलिस की विशेष टीमें जिले के प्रत्येक थाना क्षेत्र में जाकर लोगों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करेंगी।
- युवाओं पर फोकस: स्कूल और कॉलेजों में विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे ताकि छात्र नशे के खतरों को समझ सकें और इससे दूर रहें।
- परामर्श: नशे की लत में फंसे लोगों को इससे बाहर निकलने के वैज्ञानिक और सामाजिक तरीकों की जानकारी दी जाएगी।
- सामूहिक भागीदारी: स्थानीय निवासियों को इस अभियान में शामिल करके एक नशा मुक्त समाज का निर्माण किया जाएगा।
कार्यक्रम में अधिकारियों की उपस्थिति
इस शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान दमोह पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य रूप से सीएसपी एचआर पांडे के साथ-साथ जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ यह जंग निरंतर जारी रहेगी और समाज के हर वर्ग को इसमें अपनी सक्रिय भागीदारी निभानी होगी।
| अभियान का नाम | नशा मुक्ति अभियान |
|---|---|
| अवधि | 15 जुलाई से 30 जुलाई |
| मुख्य लक्ष्य | नशामुक्त समाज का निर्माण |
| क्षेत्र | दमोह जिला |









