Mandsaur: मानसून की सुस्ती से बढ़ी उमस, 17 जुलाई के बाद फिर बारिश के आसार

मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में मानसून की सक्रियता पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। पिछले छह दिनों से जिले के अधिकांश हिस्सों में बारिश का नामो-निशान नहीं है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। तेज धूप और भीषण उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। आखिरी बार जिले में 8…

मंदसौर में मानसून की रफ्तार थमी: छह दिनों से बारिश न होने से उमस और गर्मी ने बढ़ाई परेशानी

मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में मानसून की सक्रियता पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। पिछले छह दिनों से जिले के अधिकांश हिस्सों में बारिश का नामो-निशान नहीं है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। तेज धूप और भीषण उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। आखिरी बार जिले में 8 जुलाई को अच्छी बारिश दर्ज की गई थी, जिसके बाद से मौसम का मिजाज पूरी तरह शुष्क बना हुआ है।

आसमान में बादलों की आवाजाही तो बनी रहती है, लेकिन ये बादल बिना बरसे ही आगे निकल जाते हैं। इस स्थिति ने न केवल आम नागरिकों को परेशान कर रखा है, बल्कि किसानों की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। जिले के प्रमुख कस्बों जैसे गरोठ, सुवासरा, शामगढ़, दलौदा, मल्हारगढ़, पिपलिया मंडी, नारायणगढ़ और अफजलपुर सहित ग्रामीण अंचलों में भी बारिश का इंतजार लंबा होता जा रहा है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान: कब होगी राहत की बारिश?

मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों तक जिले में मौसम आमतौर पर शुष्क बना रहेगा। हालांकि, आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ चुनिंदा स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की फुहारें पड़ सकती हैं, लेकिन भारी बारिश के कोई आसार फिलहाल नहीं हैं।

अवधिमौसम का अनुमान
अगले 3 दिनआंशिक बादल, उमस भरी गर्मी
17 जुलाई के बादमानसून गतिविधियों में तेजी की संभावना

किसानों की बढ़ी चिंता, फसलें मांग रही हैं पानी

मंदसौर में अब तक औसतन 10.10 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है, जिसने खरीफ की फसलों को शुरुआती जीवनदान तो दिया है, लेकिन अब खेतों में नमी कम होने लगी है। फसल की बेहतर पैदावार के लिए मानसून का सक्रिय होना बेहद जरूरी है। किसान अब बेसब्री से 17 जुलाई का इंतजार कर रहे हैं, जब मौसम विभाग ने मानसून के फिर से रफ्तार पकड़ने के संकेत दिए हैं।

प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह

मौसम विभाग ने बदलते मिजाज को देखते हुए आम जनता और किसानों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  • सुरक्षा: गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें।
  • सतर्कता: अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें, क्योंकि उमस भरी गर्मी स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकती है।
  • कृषि कार्य: किसान भाई स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें और उसी के अनुसार अपनी कृषि संबंधी गतिविधियों की योजना बनाएं।

फिलहाल, मंदसौर जिले की जनता की निगाहें आसमान पर टिकी हैं। भीषण गर्मी और उमस से राहत पाने के लिए हर कोई मानसून के दोबारा सक्रिय होने की प्रतीक्षा कर रहा है।