Mustard: सरसों के भाव 8000 के पार, तेल की कीमतों में भी उछाल

राजस्थान की अलवर कृषि उपज मंडी में लंबे समय से सुस्त चल रहे सरसों के कारोबार में अचानक जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। विदेशी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और स्थानीय स्तर पर कम होती आवक के कारण सरसों के दाम आसमान छूने लगे हैं। पिछले महज एक सप्ताह के भीतर सरसों की कीमतों…

अलवर मंडी में सरसों की कीमतों में बड़ा उछाल, भाव 8000 रुपये के करीब पहुंचे

राजस्थान की अलवर कृषि उपज मंडी में लंबे समय से सुस्त चल रहे सरसों के कारोबार में अचानक जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। विदेशी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और स्थानीय स्तर पर कम होती आवक के कारण सरसों के दाम आसमान छूने लगे हैं। पिछले महज एक सप्ताह के भीतर सरसों की कीमतों में 260 रुपये प्रति क्विंटल की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे किसानों और व्यापारियों में हलचल मच गई है।

एक सप्ताह में कीमतों का हाल

अलवर मंडी के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सरसों के भाव इस सीजन के अपने उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गए हैं। पिछले सप्ताह जो सरसों 7,650 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास बिक रही थी, वह अब 7,900 से 8,000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है। कीमतों में आए इस अचानक उछाल के प्रमुख कारणों को नीचे दी गई तालिका से समझा जा सकता है:

विवरणकीमत/स्थिति
एक सप्ताह पहले का भाव7,650 रुपये प्रति क्विंटल
वर्तमान भाव7,900 – 8,000 रुपये प्रति क्विंटल
दैनिक आवक4,000 से 5,000 कट्टे

तेजी के पीछे के मुख्य कारण

मंडी के वरिष्ठ व्यापारी रामावतार गुप्ता के अनुसार, बाजार में यह तेजी अचानक नहीं आई है, बल्कि इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय कारक जिम्मेदार हैं। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाद्य तेलों की मांग और कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने भारतीय बाजारों को भी प्रभावित किया है। इसके अलावा, मंडी में सरसों की आवक में भारी कमी आई है। वर्तमान में प्रतिदिन केवल 4,000 से 5,000 कट्टों की ही आवक हो रही है, जो कि मांग की तुलना में काफी कम है। सप्लाई कम होने और मांग बढ़ने के कारण कीमतों को सीधा सपोर्ट मिल रहा है।

क्या 8,000 रुपये का आंकड़ा पार करेगी सरसों?

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि सरसों की कीमतों में यह तेजी अभी और जारी रह सकती है। यदि वैश्विक स्तर पर खाद्य तेलों के दाम ऊंचे बने रहते हैं और स्थानीय मंडियों में आवक नहीं बढ़ती है, तो आने वाले दिनों में सरसों के भाव 8,000 रुपये प्रति क्विंटल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर सकते हैं।

  • उपभोक्ताओं पर असर: सरसों के दाम बढ़ने का सीधा असर आम आदमी की रसोई पर पड़ना तय है।
  • तेल की कीमतों में वृद्धि: मंडी में सरसों के भाव महंगे होने से कच्ची घानी सरसों तेल की कीमतों में भी तेजी दर्ज की जाने लगी है।
  • बाजार का रुख: आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझान ही तय करेंगे कि सरसों की कीमतें और कितनी ऊपर जाएंगी।

फिलहाल, अलवर मंडी में सरसों की इस छलांग ने व्यापारियों को सक्रिय कर दिया है, वहीं उपभोक्ता अब खाद्य तेलों के बजट को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।