हरदा: मूंग खरीदी की मांग को लेकर किसान नेता की दंडवत यात्रा, बीच रास्ते में बिगड़ी तबीयत
मध्य प्रदेश के हरदा जिले में ग्रीष्मकालीन मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीद की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। राष्ट्रीय किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष रामनिवास पचार ने अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए एक अनूठा और कठिन रास्ता चुना है। उन्होंने सोमवार को इंदौर रोड स्थित अभ्यदाता हनुमान मंदिर से दंडवत यात्रा शुरू की, जो प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।
कलेक्टर बंगले के सामने बिगड़ी तबीयत, प्रशासन की लापरवाही आई सामने
मंगलवार की सुबह जब किसान नेता अपनी यात्रा को आगे बढ़ाने वाले थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। यह घटना कलेक्टर बंगले के ठीक सामने हुई। हैरानी की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग को सूचना देने के बावजूद मौके पर कोई भी सरकारी स्वास्थ्य कर्मी या एम्बुलेंस नहीं पहुंची। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने एक निजी डॉक्टर को बुलाकर उनका प्राथमिक उपचार कराया। किसान नेता को ग्लूकोज की बोतल (आईवी ड्रिप) चढ़ानी पड़ी, तब जाकर उनकी स्थिति में कुछ सुधार हुआ।
अडिग हैं किसान नेता: ‘इलाज के बाद फिर जारी रहेगी यात्रा’
तबीयत खराब होने के बावजूद रामनिवास पचार ने साफ कर दिया है कि वे अपने संकल्प से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए, वे अपनी दंडवत यात्रा को बीच में नहीं छोड़ेंगे। बोतल उतरने के तुरंत बाद उन्होंने फिर से यात्रा शुरू करने का निर्णय लिया है।
- मांग: ग्रीष्मकालीन मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी।
- संकल्प: दंडवत यात्रा करते हुए जिला पंचायत कार्यालय तक पहुंचना।
- उद्देश्य: जनसुनवाई में कलेक्टर के सामने किसानों का पक्ष मजबूती से रखना।
मुख्य घटनाक्रम पर एक नजर
| घटना | विवरण |
|---|---|
| यात्रा की शुरुआत | सोमवार, अभ्यदाता हनुमान मंदिर (इंदौर रोड) |
| संकट का समय | मंगलवार सुबह, कलेक्टर बंगले के सामने |
| स्वास्थ्य स्थिति | अत्यधिक थकान के कारण तबीयत बिगड़ी, निजी डॉक्टर ने किया उपचार |
| अगला कदम | जिला पंचायत पहुंचकर जनसुनवाई में ज्ञापन सौंपना |
किसान नेता का यह संघर्ष अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि क्या जिला प्रशासन उनकी इस मांग पर कोई ठोस आश्वासन देता है या फिर उन्हें अपनी यात्रा इसी तरह जारी रखनी होगी।









