आजमगढ़ में पेट्रोल की गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल, युवक का दावा- खराब ईंधन से सीज हुआ बाइक का इंजन
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ से ईंधन की शुद्धता को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने हड़कंप मचा दिया है, जिसमें एक युवक ने पेट्रोल पंप से लिए गए ईंधन में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाया है। युवक का दावा है कि जब उसने पंप से पेट्रोल लेकर उसे एक बोतल में रखा, तो उसमें इथेनॉल और पेट्रोल की परतें साफ तौर पर अलग दिखाई दे रही थीं। युवक ने आरोप लगाया है कि इसी मिलावटी ईंधन के इस्तेमाल से उसकी नई मोटरसाइकिल का इंजन अचानक सीज हो गया। हालांकि, पेट्रोल पंप कर्मियों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। फिलहाल, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित विभाग की जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ पाएगी।
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बोतल में दिखीं अलग परतें, बाइक सवार ने जताई आशंका
पीड़ित युवक का कहना है कि बोतल में भरे ईंधन में इथेनॉल की मात्रा सामान्य से कहीं अधिक नजर आ रही थी, जो पेट्रोल के साथ घुलने के बजाय अलग दिखाई दे रही थी। युवक ने आशंका जताई कि पेट्रोल पंप पर तय मानकों से कहीं ज्यादा इथेनॉल मिलाया जा रहा है, जिसकी वजह से उसकी नई बाइक का इंजन जवाब दे गया। इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग ईंधन की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं।
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क्या है E20 पेट्रोल का गणित और सरकार का रुख?
भारत सरकार ने पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिलाने (E20) की नीति को बढ़ावा दिया है। सरकार का तर्क है कि इससे प्रदूषण कम होगा, किसानों को लाभ मिलेगा और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटेगी। सरकार के अनुसार, 2023 के बाद बनी सभी गाड़ियां E20 फ्यूल के लिए पूरी तरह अनुकूल हैं।
विशेषज्ञों की राय और जोखिम के बिंदु
| विषय | विवरण |
|---|---|
| माइलेज पर असर | इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता कम होने से माइलेज में मामूली गिरावट संभव है। |
| पुराने वाहनों पर प्रभाव | E20 अनुकूल न होने वाली गाड़ियों में रबर पाइप, सील और फ्यूल सिस्टम खराब हो सकते हैं। |
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि निर्धारित मानक (20%) से अधिक इथेनॉल पेट्रोल में मिलाया जाता है, तो यह इंजन के लिए घातक साबित हो सकता है। ऐसे में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए ईंधन के सैंपल की लैब टेस्टिंग बेहद जरूरी है। आजमगढ़ की इस घटना ने एक बार फिर पेट्रोल पंपों पर सख्त निगरानी और उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा के मुद्दे को गर्मा दिया है।
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