पवित्र सावन मास के पहले दिन गुरुवार को उत्तर प्रदेश के शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। वाराणसी और प्रयागराज से लेकर गोरखपुर और कानपुर तक के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। काशी विश्वनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की, जबकि सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए प्रशासन ने पूरे प्रदेश में विशेष इंतजाम किए हैं।
काशी में आस्था का केंद्र
वाराणसी में सावन के पहले दिन का दृश्य बेहद अलौकिक रहा। मंगला आरती के बाद से ही काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्तों का तांता लग गया, और सुबह तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ का दर्शन कर जलाभिषेक किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी पहुंचकर सबसे पहले काल भैरव मंदिर में पूजा की, जिसके बाद उन्होंने बाबा विश्वनाथ के दरबार में भस्म अर्पित की।
VIP दर्शन पर रोक और सुरक्षा व्यवस्था
सावन के दौरान आम श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। इस वर्ष भी पूरे सावन महीने के दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर में VIP दर्शन व्यवस्था पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दर्शन के दौरान भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
कांवड़ यात्रा और सुरक्षा पर मंथन
कांवड़ यात्रा के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सड़कों और राजमार्गों पर कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। इसी क्रम में बरेली में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें डीजीपी राजीव कृष्ण और प्रमुख सचिव एसपी गोयल समेत 9 जिलों के जिलाधिकारी शामिल होंगे। बैठक में सुरक्षा मानकों और नई गाइडलाइंस पर गहन चर्चा की जाएगी।
प्रदेश भर में गूंजे ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे
सावन के पहले दिन प्रदेश के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी श्रद्धा का विशेष माहौल रहा:
- प्रयागराज: मनकामेश्वर मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का विशेष अभिषेक हुआ।
- गोरखपुर: महादेव झारखंडी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही।
- अयोध्या और कानपुर: नागेश्वर नाथ और आनंदेश्वर मंदिर में भक्तों ने बेलपत्र, धतूरा और गंगाजल अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।










