ITR फाइलिंग: रिटर्न भरने के हैं 5 बड़े फायदे, लोन मिलेगा आसान


वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की डेडलाइन अब बेहद करीब है। आपके पास रिटर्न दाखिल करने के लिए 10 दिनों से भी कम का समय शेष है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 22 जुलाई तक 3 करोड़ से अधिक करदाता अपना रिटर्न जमा कर चुके हैं। आम टैक्सपेयर्स के लिए…

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि नजदीक, बिना देर किए भरें ITR

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की डेडलाइन अब बेहद करीब है। आपके पास रिटर्न दाखिल करने के लिए 10 दिनों से भी कम का समय शेष है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 22 जुलाई तक 3 करोड़ से अधिक करदाता अपना रिटर्न जमा कर चुके हैं। आम टैक्सपेयर्स के लिए ITR फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। यदि आपने अभी तक अपना रिटर्न नहीं भरा है, तो अंतिम समय की तकनीकी परेशानियों से बचने के लिए इसे जल्द पूरा करना ही समझदारी है।

अक्सर यह गलतफहमी होती है कि यदि सालाना आय बेसिक एग्जंप्शन लिमिट से कम है, तो ITR भरने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स दायरे में न होने पर भी रिटर्न फाइल करना वित्तीय रूप से फायदेमंद होता है, जैसे कि लोन अप्रूवल में आसानी होना। टैक्स एक्सपर्ट CA आनंद जैन के अनुसार, ITR केवल टैक्स जमा करने का जरिया नहीं है, बल्कि यह आपकी वित्तीय पारदर्शिता का प्रमाण भी है।

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) वास्तव में क्या है?

सरल शब्दों में कहें तो ITR सरकार के पास जमा किया जाने वाला आपकी वार्षिक आय का एक विस्तृत लेखा-जोखा है। इसमें आप अपनी कुल कमाई, उस पर देय टैक्स और पहले से जमा किए गए एडवांस टैक्स की जानकारी देते हैं। इसके माध्यम से यह स्पष्ट होता है कि क्या आपको अतिरिक्त टैक्स देना है या सरकार द्वारा आपका टैक्स रिफंड वापस किया जाना है।

समय पर ITR फाइल करने के 5 प्रमुख लाभ

टैक्स एक्सपर्ट CA आनंद जैन ने समय पर रिटर्न भरने के पांच महत्वपूर्ण फायदों के बारे में जानकारी दी है:

  • जुर्माने से बचाव: समय सीमा चूकने पर आपको लेट फीस देनी पड़ सकती है। 5 लाख से अधिक आय वाले लोगों पर 5,000 रुपये और उससे कम आय वालों पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
  • नोटिस का डर खत्म: आयकर विभाग के पास अब आय के विभिन्न स्रोत डिजिटल रूप से जुड़े हैं। समय पर रिटर्न भरने से आप विभाग द्वारा भेजे जाने वाले अनावश्यक नोटिसों से बच सकते हैं।
  • ब्याज की बचत: यदि आप कुल टैक्स का 90% हिस्सा समय पर नहीं चुकाते हैं, तो सेक्शन 234बी के तहत आपको हर महीने 1% अतिरिक्त ब्याज देना पड़ सकता है।
  • नुकसान (Loss) कैरी फॉरवर्ड: यदि आपको शेयर बाजार या व्यवसाय में नुकसान हुआ है, तो समय पर ITR भरकर आप उस नुकसान को अगले 8 वर्षों तक आगे ले जा सकते हैं, जिससे भविष्य में टैक्स देनदारी कम हो जाती है।
  • टैक्स रिफंड का दावा: यदि आपका टीडीएस (TDS) कट चुका है, तो उसे वापस पाने का एकमात्र तरीका ITR फाइल करना ही है। असेस्मेंट के बाद रिफंड की राशि सीधे आपके बैंक खाते में भेज दी जाती है।

अतः, किसी भी प्रकार के वित्तीय नुकसान और कानूनी पेचीदगियों से बचने के लिए 31 जुलाई की समय सीमा को ध्यान में रखते हुए अपना रिटर्न आज ही फाइल करना सुनिश्चित करें।