Gold Rate Update: सोने-चांदी की कीमतों में उछाल, चेक करें आज के लेटेस्ट दाम


देशभर के सर्राफा बाजारों में आज, 29 जुलाई को सोने और चांदी की कीमतों में बढ़त दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, एक किलो चांदी की कीमत में 1,270 रुपये का इजाफा हुआ है, जिससे यह 2.19 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गई है। वहीं,…

सोने-चांदी की कीमतों में उछाल: 24 कैरेट सोना 1.42 लाख के पार, चांदी में भी तेजी

देशभर के सर्राफा बाजारों में आज, 29 जुलाई को सोने और चांदी की कीमतों में बढ़त दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, एक किलो चांदी की कीमत में 1,270 रुपये का इजाफा हुआ है, जिससे यह 2.19 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गई है। वहीं, 24 कैरेट सोने का भाव 178 रुपये की तेजी के साथ 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है।

इस साल के आंकड़े: सोने में मजबूती, चांदी में सुधार की उम्मीद

साल 2026 की शुरुआत से ही कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल अब तक सोने की कीमतों में करीब 9 हजार रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने का भाव 1.33 लाख रुपये था, जो आज बढ़कर 1.42 लाख रुपये हो गया है। हालांकि, चांदी के मामले में स्थिति उलट है; यह साल के शुरुआती स्तर (2.30 लाख रुपये) के मुकाबले अभी भी 11 हजार रुपये नीचे चल रही है। उल्लेखनीय है कि इस साल 29 जनवरी को सोना 1.76 लाख और चांदी 3.86 लाख रुपये के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर (All-time high) तक पहुंच गए थे।

विशेषज्ञों की राय और निवेश की रणनीति

कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया का मानना है कि मौजूदा कीमतों पर निवेशकों के लिए एक अच्छा अवसर है, क्योंकि भाव अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे आ चुके हैं। हालांकि, उन्होंने एकमुश्त बड़ी रकम निवेश करने के बजाय सावधानी बरतने की सलाह दी है। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि साल के अंत तक सोना 1.60 लाख रुपये और चांदी 2.80 लाख रुपये के स्तर तक फिर से वापसी कर सकती है।

ETF के जरिए निवेश का आसान विकल्प

यदि आप भौतिक रूप में सोना या चांदी नहीं खरीदना चाहते, तो एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) एक सुरक्षित और पारदर्शी विकल्प है। इसके प्रमुख लाभ और प्रक्रिया निम्नलिखित है:

  • निवेश की शुरुआत: गोल्ड या सिल्वर ETF में आप 500 रुपये से भी कम निवेश से शुरुआत कर सकते हैं।
  • पूरी तरह डिजिटल: इसमें आपको भौतिक धातु नहीं मिलती, बल्कि निवेश के समय के बाजार भाव के अनुसार राशि आपके खाते में समायोजित हो जाती है।
  • खरीद-बिक्री: ETF की ट्रेडिंग शेयर बाजार (BSE और NSE) की तरह ही की जाती है।
  • प्रक्रिया: निवेश के लिए आपके पास एक डीमैट अकाउंट होना अनिवार्य है। अपने ब्रोकर के माध्यम से आप ऑर्डर लगा सकते हैं। ऑर्डर देने के दो कार्यदिवसों (T+2) के भीतर ETF यूनिट आपके डीमैट खाते में जमा हो जाते हैं।

विशेषज्ञों का सुझाव है कि बाजार के जोखिमों को देखते हुए निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो का एक हिस्सा ही कीमती धातुओं में लगाना चाहिए और निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से चर्चा अवश्य करनी चाहिए।