FTA: भारत-UK ट्रेड डील लागू, अब सस्ती मिलेंगी विदेशी कारें और व्हिस्की

भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) लागू होने के साथ ही भारतीय बाजार में विदेशी उत्पादों की कीमतें कम होने की राह खुल गई है। इस समझौते के तहत अब UK से आयात होने वाली कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर जैसे सामान सस्ते हो जाएंगे। इस डील का सीधा…

भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: अब सस्ती होंगी विदेशी कारें और लग्जरी सामान

भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) लागू होने के साथ ही भारतीय बाजार में विदेशी उत्पादों की कीमतें कम होने की राह खुल गई है। इस समझौते के तहत अब UK से आयात होने वाली कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर जैसे सामान सस्ते हो जाएंगे। इस डील का सीधा असर आम उपभोक्ताओं और भारतीय निर्यातकों पर पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होकर 120 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।

यह समझौता करीब 3 साल की लंबी बातचीत और 14 दौर की चर्चा के बाद 24 जुलाई 2025 को अस्तित्व में आया था। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटिश व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कीर स्टार्मर की मौजूदगी में इस पर हस्ताक्षर किए थे। भारत में UK की हाई कमिश्नर लिंडी कैमरन ने इसे एक ‘ऐतिहासिक पल’ करार देते हुए कहा कि यह दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए विकास के एक नए युग की शुरुआत है।

सवाल-जवाब: इस एग्रीमेंट से आपको क्या होगा फायदा?

सवाल 1: भारत में कौन सी चीजें सस्ती होंगी?
जवाब: UK से आने वाले सामानों पर औसत टैरिफ 15% से घटकर 3% रह जाएगा। अगले 10 वर्षों में 85% सामान पूरी तरह से टैरिफ-मुक्त हो जाएंगे, जिससे लग्जरी ब्रांड्स और विदेशी उत्पादों की कीमतें काफी कम हो जाएंगी।

सवाल 2: भारत के किन सेक्टर्स को मिलेगा सबसे बड़ा बूस्ट?

  • टेक्सटाइल सेक्टर: भारतीय कपड़ों और होम टेक्सटाइल्स पर लगने वाला 8-12% टैक्स खत्म होने से सूरत, लुधियाना और तिरुप्पुर के निर्यातकों को वैश्विक बाजार में मजबूती मिलेगी।
  • ज्वेलरी और लेदर: बैग, जूते और आभूषणों के निर्यात पर टैक्स हटने से MSME सेक्टर को बड़ा फायदा होगा।
  • इंजीनियरिंग और ऑटो पार्ट्स: पुणे, चेन्नई और गुड़गांव के मैन्युफैक्चरिंग हब के लिए यूरोपियन सप्लाई चेन में पहुंच आसान होगी।
  • फार्मा और मेडिकल: भारतीय जेनेरिक दवाओं का UK की हेल्थ सर्विस (NHS) में पहुंचना अब और अधिक सुगम हो जाएगा।
  • कृषि और खाद्य उत्पाद: बासमती चावल, प्रीमियम चाय, मसाले और समुद्री उत्पादों पर टैक्स खत्म होने से असम, केरल और गुजरात के किसानों की आय में वृद्धि होगी।
  • ग्रीन एनर्जी: सोलर, ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर में नई टेक्नोलॉजी का आदान-प्रदान बढ़ेगा।

आंकड़ों में समझें व्यापार का भविष्य

विवरण लक्ष्य/तथ्य
द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य (2030) 120 बिलियन डॉलर
टैरिफ में कटौती औसत 15% से घटकर 3%
समझौता हस्ताक्षर तिथि 24 जुलाई 2025

भारत की बदलती व्यापार नीति

सवाल 3: भारत की अर्थव्यवस्था के लिए यह डील क्यों जरूरी है?
जवाब: यह एग्रीमेंट न केवल निर्यात में बढ़ोतरी करेगा, बल्कि निवेश के नए रास्ते खोलेगा। इससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे और भारतीय उत्पाद वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे।

सवाल 4: बातचीत का सफर कैसा रहा?
जवाब: भारत और UK के बीच इस समझौते की औपचारिक बातचीत 13 जनवरी 2022 को शुरू हुई थी। लगभग साढ़े तीन साल की कड़ी मशक्कत के बाद इसे अंतिम रूप दिया गया। भारत अब अपने FTA फोकस को ‘ईस्ट’ (ASEAN, जापान) से हटाकर ‘वेस्टर्न पार्टनर्स’ (EU, US) की ओर शिफ्ट कर रहा है, ताकि वैश्विक व्यापार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई जा सके।

सवाल 5: अन्य देशों के साथ भारत की स्थिति क्या है?
जवाब: भारत अब तक श्रीलंका, भूटान, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, UAE और मॉरीशस जैसे देशों के साथ ट्रेड एग्रीमेंट कर चुका है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के अनुसार, अमेरिका और यूरोपियन यूनियन के साथ भविष्य के समझौते भारत को दुनिया की बड़ी आर्थिक शक्ति बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।


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