बीपीसीएल को जून तिमाही में बड़ा झटका: 3,962 करोड़ रुपये का हुआ नुकसान
सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख तेल कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने 22 जुलाई को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (जून तिमाही) के वित्तीय परिणाम घोषित कर दिए हैं। कंपनी के लिए यह तिमाही काफी चुनौतीपूर्ण रही है, जिसमें उसे 3,962 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज करना पड़ा है। गौरतलब है कि पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 6,124 करोड़ रुपये का शानदार मुनाफा कमाया था, जबकि पिछली मार्च तिमाही में यह आंकड़ा 3,191 करोड़ रुपये के लाभ पर था।
राजस्व में 23 फीसदी की बढ़ोतरी
घाटे के बावजूद, कंपनी के परिचालन से प्राप्त होने वाले राजस्व (Revenue from Operations) में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, बीपीसीएल का राजस्व 1.59 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में कंपनी का राजस्व 1.29 लाख करोड़ रुपये था, जो सालाना आधार पर 23 फीसदी की बढ़त को दर्शाता है। वहीं, पिछली तिमाही (मार्च) के 1.35 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले इसमें 18 फीसदी का उछाल देखा गया है।
घाटे के पीछे क्या हैं मुख्य कारण?
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर भू-राजनीतिक तनावों का गहरा असर पड़ा है। विशेषज्ञों और कंपनी के विश्लेषण के अनुसार:
- कच्चे तेल की कीमतों में उछाल: फरवरी के अंत में शुरू हुए अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई थीं।
- बढ़ती परिचालन लागत: कच्चे तेल के साथ-साथ शिपिंग (भाड़ा) और इंश्योरेंस की लागत में भारी वृद्धि हुई है।
- उपभोक्ताओं पर बोझ नहीं: बढ़ती लागतों का पूरा असर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की खुदरा कीमतों पर नहीं डाला गया, जिससे कंपनी के मार्जिन पर सीधा दबाव पड़ा और उसे नुकसान झेलना पड़ा।
शेयर बाजार में भारत पेट्रोलियम की स्थिति
बीपीसीएल के शेयरों पर भी नतीजों का दबाव साफ देखा गया। आज कारोबार के दौरान कंपनी के शेयर 3 फीसदी की गिरावट के साथ 309 रुपये पर बंद हुए। अगर हम शेयर की परफॉरमेंस पर नजर डालें, तो साल 2024 की शुरुआत से अब तक इसमें 19 फीसदी की गिरावट आ चुकी है। पिछले छह महीनों में यह 12 फीसदी और बीते एक साल के दौरान 9 फीसदी तक टूटा है।
बीपीसीएल: एक संक्षिप्त परिचय
24 जनवरी 1976 को स्थापित भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने वाली एक महारत्न कंपनी है। कंपनी मुंबई, कोच्चि, नुमालीगढ़ और बीना में अपनी अत्याधुनिक रिफाइनरियों का संचालन करती है।
इसकी कुल रिफाइनिंग क्षमता 40 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष से अधिक है। कंपनी न केवल ईंधन और लुब्रिकेंट का उत्पादन करती है, बल्कि एलपीजी के वितरण में भी अहम भूमिका निभाती है। वर्तमान में जी कृष्णकुमार कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में नेतृत्व कर रहे हैं।









