अडाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी, अडाणी एंटरप्राइजेज ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी को इस तिमाही में 1,160 करोड़ रुपये का एकीकृत (कॉन्सोलिडेटेड) शुद्ध घाटा हुआ है। इससे पिछले वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 885 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। हालांकि, कंपनी का कोर बिजनेस ऑपरेशन मजबूत बना हुआ है और राजस्व में बड़ी उछाल देखी गई है।
घाटे की मुख्य वजह: वन-टाइम सेटलमेंट
कंपनी के मुनाफे में गिरावट का मुख्य कारण अमेरिकी एजेंसी ‘ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल’ (OFAC) को किया गया एकमुश्त भुगतान है। अडाणी एंटरप्राइजेज ने इस एजेंसी के साथ सेटलमेंट के तहत 2,644 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। यह एक ‘वन-टाइम लॉस’ है, जिसके कारण कंपनी का बॉटम-लाइन (शुद्ध मुनाफा) प्रभावित हुआ और यह घाटे में बदल गया। यदि इस एकमुश्त खर्च को अलग कर दिया जाए, तो कंपनी का परिचालन प्रदर्शन काफी सकारात्मक रहा है।
वित्तीय नतीजों की मुख्य झलकियां
- राजस्व (Revenue): कंपनी की आय सालाना आधार पर 50% बढ़कर 32,924 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल इसी अवधि में 21,961 करोड़ रुपये थी।
- EBITDA: परिचालन लाभ 17% बढ़कर 5,007 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
- EBITDA मार्जिन: मार्जिन 400 बेसिस पॉइंट्स गिरकर 15.2% रहा, जो पिछले साल 19.4% था।
- शेयर प्रदर्शन: नतीजों के बाद निवेशकों ने भरोसा जताया, जिसके चलते अडाणी एंटरप्राइजेज का शेयर 0.74% की बढ़त के साथ 3,024 रुपये पर बंद हुआ।
अहम शब्दावली और कंपनी प्रोफाइल
OFAC क्या है? यह अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की एक वित्तीय खुफिया एजेंसी है, जो अमेरिकी विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के हितों के अनुरूप व्यापारिक प्रतिबंधों को लागू करती है।
EBITDA क्या है? यह कंपनी की मुख्य कारोबारी क्षमता को मापने का एक पैमाना है। इसमें ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई को गिना जाता है, जिससे कंपनी के वास्तविक संचालन प्रदर्शन का पता चलता है।
1988 में गौतम अडाणी द्वारा स्थापित अडाणी एंटरप्राइजेज वर्तमान में देश का सबसे बड़ा बिजनेस इनक्यूबेटर है। कंपनी एनर्जी, यूटिलिटी, ट्रांसपोर्टेशन, लॉजिस्टिक्स और प्राइमरी इंडस्ट्री जैसे विविध क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रही है।
अडाणी पोर्ट्स का प्रदर्शन
इसी बीच, अडाणी ग्रुप की एक और प्रमुख कंपनी, अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का शुद्ध लाभ 10% बढ़कर 3,650 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जबकि परिचालन से प्राप्त राजस्व में 19% की वृद्धि दर्ज की गई है। घरेलू बंदरगाह कारोबार में आई मजबूती इस बढ़त का मुख्य आधार रही है।










