
हिंदू धर्म में नवग्रहों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु—ये नौ ग्रह मानव जीवन के हर पहलू को नियंत्रित करते हैं। स्वास्थ्य, करियर, विवाह और आर्थिक संपन्नता जैसे विषयों पर इनका गहरा प्रभाव पड़ता है। यही कारण है कि किसी…

सनातन धर्म और ज्योतिष शास्त्र में धातुओं का अपना एक अलग महत्व है। सोना, तांबा और चांदी जैसी धातुओं को महज आभूषण के तौर पर नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा के स्रोत के रूप में देखा जाता है।



हरियाली तीज 2026 का पावन पर्व इस वर्ष 15 अगस्त 2026, शनिवार को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। यह त्योहार मुख्य रूप से विवाहित महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी आयु, बेहतर स्वास्थ्य और सुखद दांपत्य जीवन की कामना के लिए रखा जाता है। वहीं, कुंवारी कन्याएं भी इस दिन मनवांछित जीवनसाथी और सुखद…

साल 2026 का रक्षा बंधन ज्योतिष और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद खास होने वाला है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष रक्षा बंधन का त्योहार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इसी दिन एक आंशिक चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। हालांकि, खगोलीय दृष्टि से यह ग्रहण महत्वपूर्ण है, लेकिन अच्छी बात यह है…

अक्सर देखा जाता है कि कड़ी मेहनत और पूरी ईमानदारी के बावजूद व्यक्ति को जीवन में मनचाही सफलता नहीं मिल पाती। कार्यों में बार-बार रुकावटें आना और महत्वपूर्ण योजनाओं का बीच में अटक जाना मानसिक तनाव का कारण बनता है। ज्योतिष शास्त्र और प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, इन समस्याओं का समाधान हमारे आसपास की सकारात्मक…

धर्म डेस्क: भारतीय ज्योतिष शास्त्र में हर छोटी-बड़ी घटना के पीछे कोई न कोई गहरा अर्थ छिपा होता है। हमारे घरों में अक्सर दिखाई देने वाली छिपकली को भी महज एक साधारण जीव नहीं माना जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, छिपकली का घर में दिखना, उसका आपस में लड़ना या शरीर के किसी अंग…

हिंदू धर्म और संस्कृति में पेड़-पौधों को देवतुल्य माना गया है। पूजा-पाठ में उपयोग की जाने वाली कई सामग्रियां न केवल धार्मिक महत्व रखती हैं, बल्कि वे सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करती हैं। इन्हीं में से पान का पत्ता, पीपल और भिंडी के पत्ते विशेष रूप से प्रभावशाली माने गए हैं। यदि आप जीवन…

हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है। इस बार आषाढ़ मास की अमावस्या दो दिनों तक व्याप्त रहेगी, जिसके कारण श्रद्धालुओं के मन में पितृ कर्म, दान-पुण्य और तर्पण के सही दिन को लेकर संशय बना हुआ है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब कोई पर्व दो तिथियों में पड़ता है, तो सूर्योदय की…









