आषाढ़ गुप्त नवरात्रि: विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए करें ये अचूक उपाय
सनातन धर्म में आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्रि का विशेष महत्व है। यह समय देवी शक्ति की साधना और कृपा प्राप्ति के लिए सबसे उत्तम और गूढ़ काल माना जाता है। इस दौरान शांत वातावरण में की गई देवी की आराधना साधक के जीवन की जटिल समस्याओं को सुलझाने में सहायक होती है। जो युवक-युवतियां विवाह में आ रही देरी या अन्य बाधाओं से परेशान हैं, उनके लिए गुप्त नवरात्रि के ये उपाय अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो सकते हैं। एक वर्ष में चार नवरात्रि आती हैं, जिनमें आषाढ़ और माघ मास की गुप्त नवरात्रि विशेष साधना के लिए जानी जाती हैं। वर्तमान में आषाढ़ नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है, जो 23 तारीख तक रहेगा।
क्यों विवाह में आती हैं अड़चनें?
अक्सर देखा जाता है कि विवाह के लिए रिश्ते तो आते हैं, लेकिन बात बनते-बनते बिगड़ जाती है या फिर लंबे समय तक कोई योग्य जीवनसाथी नहीं मिल पाता। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इसके पीछे कुंडली में बृहस्पति और शुक्र ग्रह की कमजोर स्थिति मुख्य कारण होती है। गुप्त नवरात्रि के दौरान किए गए विशेष उपाय इन ग्रहों के दोषों को कम कर जीवन में सकारात्मकता ला सकते हैं।
शिव-पार्वती की आराधना का विशेष महत्व
गुप्त नवरात्रि में मां भगवती के साथ-साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करना भी विशेष फलदायी माना जाता है। विवाह के इच्छुक युवक-युवतियों को इस दौरान शिवलिंग पर हल्दी की गांठ अर्पित करनी चाहिए। हल्दी को मांगलिकता और शुभता का प्रतीक माना गया है, जो वैवाहिक जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर कर शीघ्र विवाह के योग बनाती है।
मंत्रों के जप से प्रबल होंगे विवाह के योग
मंत्रों की शक्ति से भी विवाह संबंधी समस्याओं का समाधान संभव है। यदि विवाह में लगातार विलंब हो रहा है, तो दुर्गा सप्तशती के अर्गला स्तोत्र का पाठ करना सबसे कारगर उपाय है। इसमें वर्णित मंत्रों जैसे “पत्नीं मनोरमां देहि” और “रूपं देहि जयं देहि” का पूरी श्रद्धा के साथ जप करने से शीघ्र ही अनुकूल परिणाम प्राप्त होते हैं।
अष्टमी और नवमी तिथि के विशेष उपाय
गुप्त नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व है। इससे जुड़े उपाय नीचे तालिका में दिए गए हैं:
| तिथि | विशेष उपाय |
|---|---|
| अष्टमी | इस दिन किसी सुहागन महिला को या देवी मंदिर में श्रृंगार की सामग्री अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। |
| नवमी | भगवान शिव और माता पार्वती के समक्ष कलावा को 7 बार लपेटकर प्रतीकात्मक गठबंधन करें और शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें। |
ये उपाय न केवल मन की इच्छा पूर्ण करने में सहायक हैं, बल्कि योग्य जीवनसाथी मिलने की संभावनाओं को भी प्रबल करते हैं।
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