Cyber Fraud: बैंक खाते बेचने वाला युवक गिरफ्तार, दिल्ली-गुजरात समेत कई राज्यों में मामले दर्ज

बाड़मेर साइबर थाना पुलिस ने साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान 'म्यूल हंटर' के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो अपना बैंक खाता साइबर अपराधियों को उपलब्ध करवाकर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने में मदद करता…

बाड़मेर पुलिस का ‘म्यूल हंटर’ अभियान: साइबर अपराधियों को बैंक खाता देने वाला आरोपी गिरफ्तार

बाड़मेर साइबर थाना पुलिस ने साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘म्यूल हंटर’ के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो अपना बैंक खाता साइबर अपराधियों को उपलब्ध करवाकर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने में मदद करता था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद साइबर क्राइम के कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

आरोपी का आपराधिक इतिहास और गिरफ्तारी

एसपी चूनाराम जाट ने जानकारी देते हुए बताया कि राजस्थान पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ विशेष मुहिम छेड़ी गई है। एएसपी नितेश आर्य के सुपरविजन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी विश्लेषण और खुफिया सूचनाओं के आधार पर जसाराम (30) पुत्र राणाराम, निवासी कोजाणियों की ढाणी को गिरफ्तार किया है।

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी के बैंक खाते का उपयोग बड़े पैमाने पर साइबर ठगी के लिए किया जा रहा था। पुलिस की जांच में आरोपी के खिलाफ निम्नलिखित राज्यों में साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतें दर्ज होने की पुष्टि हुई है:

  • दिल्ली
  • गुजरात
  • महाराष्ट्र

मामले का संक्षिप्त विवरण

विवरण जानकारी
आरोपी का नाम जसाराम
अभियान का नाम म्यूल हंटर (Mule Hunter)
मुख्य आरोप साइबर अपराधियों को बैंक खाता उपलब्ध कराना
वर्तमान स्थिति न्यायालय में पेशी के बाद आगामी कार्रवाई जारी

पुलिस की सख्त चेतावनी: लालच में न आएं

इस गिरफ्तारी के बाद जिला पुलिस ने आम नागरिकों के लिए एक जरूरी एडवाइजरी जारी की है। पुलिस का कहना है कि लोग कमीशन या थोड़े से लालच के चक्कर में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक या सिम कार्ड किसी अनजान व्यक्ति को न दें। ऐसा करना न केवल अनैतिक है, बल्कि आपको गंभीर कानूनी मुसीबत में भी डाल सकता है।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति ने अनजाने में अपना बैंक खाता या सिम कार्ड किसी को दे दिया है और उन्हें बाद में पता चलता है कि उसका उपयोग साइबर ठगी में हो रहा है, तो वे तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल को इसकी सूचना दें। समय पर दी गई सूचना आपको बड़ी कानूनी कार्रवाई से बचा सकती है।


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