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हनुमान बेनीवाल का वह ‘जंतर-मंतर’ जिसने बच्चे को मोह लिया
दिल्ली के जंतर-मंतर पर नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। जब वे एक आंदोलन को समर्थन देकर अपनी कार की ओर बढ़ रहे थे, तो एक समर्थक ने अपना बच्चा उन्हें थमा दिया। सांसद के लाड़-दुलार ने बच्चे को ऐसा मंत्रमुग्ध किया कि वह उनकी गोद से उतरने को तैयार ही नहीं हुआ। स्थिति ऐसी बनी कि पिता और फिर मां के बुलाने पर भी बच्चा नहीं माना। इस पर बेनीवाल ने चुटकी लेते हुए कहा कि शायद बच्चे से उनका कोई पूर्व जन्म का रिश्ता है। अपनी इसी बेबाक शैली के कारण बेनीवाल युवाओं के बीच खासे लोकप्रिय हैं, हालांकि उन्होंने यह भी याद दिलाया कि राजनीति में गोद बिठाकर सिखाए गए कई शागिर्द आगे चलकर अपनी राह अलग कर लेते हैं।
ऊर्जा मंत्री के गृह क्षेत्र में फिर गुल हुई ‘बत्ती’
बिजली विभाग के मंत्री जी के लिए ‘बत्ती गुल’ होना एक बड़ी फजीहत बन गया है। कुछ समय पहले जयपुर में रेल मंत्री की मौजूदगी में बिजली गुल होने से किरकिरी हुई थी, और अब ऐसा ही वाकया उनके अपने गृह जिले कोटा में हुआ। जिला परिषद के हॉल में जब मंत्री जी सांगोद क्षेत्र के विकास कार्यों का लेखा-जोखा पेश कर रहे थे, तभी अचानक अंधेरा छा गया। आनन-फानन में खिड़कियों के पर्दे हटाए गए और जनरेटर चालू करना पड़ा। मंत्री जी के लिए यह स्थिति बेहद असहज थी, क्योंकि विकास की चमक दिखाने के दौरान ही विभाग की पोल खुल गई।
अफसरों के बीच तालमेल का ‘घालमेल’
सरकारी विभागों के कामकाज में समन्वय की कमी अक्सर बड़े विवादों को जन्म देती है। हाल ही में एक विभाग ने दूसरे विभाग के 22 स्वीकृत पदों वाले कर्मचारियों को यह कहकर रिलीव कर दिया कि उनके पास जगह नहीं है। यह फैसला दूसरे विभाग के मुखिया को रास नहीं आया और उनका पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। विरोध स्वरूप उन्होंने अपने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को APO करवाकर वापस बुला लिया। तबादलों के इस दौर में विभागों के बीच छिड़ी यह खींचतान प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
जब वर्दी पहनकर SHO साहब ने खेला ‘लंगड़ी टांग’
पुलिस की छवि अक्सर सख्त और डरावनी होती है, लेकिन भीलवाड़ा के जहाजपुर में SHO दयाराम ने एक अलग नजीर पेश की। गश्त के दौरान उन्होंने कुछ बच्चों को सड़क पर ‘लंगड़ी टांग’ खेलते देखा, तो उनका बचपन जाग उठा। वे अपनी गाड़ी से उतरे और बच्चों के साथ खेल में शामिल हो गए। इस पल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस की इस मानवीय छवि को जनता का भरपूर प्यार मिल रहा है। यह साबित करता है कि कभी-कभी जो काम कठोरता से नहीं होते, वे सादगी और खेल-खेल में आसानी से पूरे हो जाते हैं।
- हनुमान बेनीवाल: जनता के बीच अपनी खास पकड़ के लिए मशहूर।
- ऊर्जा विभाग: बार-बार हो रही बिजली कटौती से सरकार की किरकिरी।
- प्रशासनिक खींचतान: विभागों के आपसी तालमेल में कमी से कामकाज प्रभावित।
- पुलिस का मानवीय चेहरा: SHO का बच्चों के साथ खेल बना चर्चा का विषय।










