झुंझुनूं के बीडीके अस्पताल में डॉक्टर की लापरवाही और अभद्रता का वीडियो वायरल
राजस्थान के झुंझुनूं स्थित बीडीके जिला अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक दुर्घटना में घायल युवक के फ्रैक्चर को नजरअंदाज करने और उसके बाद परिजनों से डॉक्टर द्वारा की गई अभद्र बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के बाद से ही अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, डूमरा गांव निवासी विकास महला 12 जुलाई की देर शाम बाइक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजनों ने अगले दिन 13 जुलाई की सुबह विकास को उपचार के लिए बीडीके अस्पताल के ऑर्थोपेडिक विभाग में भर्ती कराया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर जगदेव सिंह ने एक्स-रे रिपोर्ट देखने के बाद भी किसी भी प्रकार के फ्रैक्चर से इनकार कर दिया और केवल सामान्य दवाइयां देकर मरीज को घर भेज दिया।
परिवार के कंपाउंडर सदस्य ने पकड़ी चूक
घर पहुंचने के बाद जब परिवार के एक सदस्य, जो स्वयं पेशे से कंपाउंडर हैं, उन्होंने विकास की जांच की तो वे दंग रह गए। मरीज की छाती में स्पष्ट रूप से फ्रैक्चर नजर आ रहा था। परिजनों का कहना है कि जिस चोट को डॉक्टर ने सामान्य बताकर टाल दिया था, वह वास्तव में काफी गंभीर थी। इस लापरवाही ने न केवल मरीज की पीड़ा बढ़ाई, बल्कि उनके स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ किया।
डॉक्टर और परिजनों के बीच तीखी नोकझोंक
जब 15 जुलाई को परिजन दोबारा अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर जगदेव सिंह से इस चूक के बारे में सवाल किया, तो डॉक्टर ने अपनी गलती मानने के बजाय परिजनों से बदसलूकी शुरू कर दी। इस दौरान हुई बहस का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें डॉक्टर की भाषा पर सवाल उठ रहे हैं:
- डॉक्टर का बयान: बहस के दौरान डॉक्टर ने कहा, “मैं पढ़ा हुआ नहीं हूं, मैं तो अनपढ़ हूं, निकालो मुझे हॉस्पिटल से बाहर।”
- परिजनों का आरोप: परिजनों ने कहा कि जिला अस्पताल जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी का एहसास होना चाहिए।
- डॉक्टर की प्रतिक्रिया: जब परिजनों ने शर्म की बात की, तो डॉक्टर ने तल्ख लहजे में जवाब दिया, “नहीं है शर्म, क्या शर्म सिर्फ आप दोनों के पास ही है?”
मामले का विवरण
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| पीड़ित मरीज | विकास महला (डूमरा निवासी) |
| अस्पताल | बीडीके अस्पताल, झुंझुनूं |
| आरोप | फ्रैक्चर न पहचानना और अभद्र व्यवहार |
| मुख्य आरोपी | डॉ. जगदेव सिंह (ऑर्थोपेडिक) |
मौके पर मौजूद अन्य मरीजों और तीमारदारों ने भी बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन डॉक्टर का रवैया नरम नहीं हुआ। फिलहाल, इस वीडियो के वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली और डॉक्टरों के व्यवहार को लेकर आम जनता में भारी आक्रोश है। अब देखना यह होगा कि अस्पताल प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।










