आरएससीईआरटी में नई पहल: छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को संवारने के लिए खुला ‘वेलनेस सेंटर’
राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (RSCERT) ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए शुक्रवार को एक अत्याधुनिक वेलनेस सेंटर का शुभारंभ किया है। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को विशेष रूप से प्रशिक्षित करना है, ताकि वे स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
परिषद की निदेशक श्वेता फगेड़िया ने केंद्र का उद्घाटन करते हुए कहा कि आज के दौर में मानसिक स्वास्थ्य शारीरिक स्वास्थ्य के समान ही अनिवार्य हो गया है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बदलती जीवनशैली, डिजिटल युग का बढ़ता प्रभाव और शिक्षा के क्षेत्र में अत्यधिक प्रतिस्पर्धा के कारण बच्चों में तनाव, चिंता और भावनात्मक असंतुलन जैसी चुनौतियां बढ़ी हैं। पहले का दौर अलग था, जब बच्चे खुले वातावरण में बेफिक्र होकर खेलते थे, लेकिन वर्तमान पीढ़ी मानसिक दबाव का सामना कर रही है।
शिक्षकों के लिए तैयार किया गया विशेष मॉड्यूल
निदेशक फगेड़िया ने जानकारी दी कि परिषद ने शिक्षकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किया है। इसके माध्यम से शिक्षकों को यह सिखाया जाएगा कि वे कैसे छात्रों की भावनाओं को पहचानें और उन्हें सकारात्मक दिशा दें। प्रशिक्षण के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:
- छात्रों के तनाव और क्रोध के मूल कारणों को समझना और उनका वैज्ञानिक समाधान ढूंढना।
- भावनाओं को सकारात्मक रूप से व्यक्त करने के लिए बच्चों को प्रेरित करना।
- शुरुआती स्तर पर ही बच्चों को भावनात्मक रूप से सशक्त बनाना ताकि वे चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास के साथ कर सकें।
वेलनेस सेंटर की प्रमुख विशेषताएं
सहेली रोड स्थित RSCERT कार्यालय में स्थापित यह वेलनेस सेंटर विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा। यहाँ से प्रशिक्षित होकर निकलने वाले शिक्षक अपने-अपने स्कूलों में बच्चों की काउंसलिंग करेंगे।
| सुविधा क्षेत्र | मुख्य फोकस |
|---|---|
| परामर्श और प्रशिक्षण | मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक स्वास्थ्य में सुधार |
| अकादमिक दबाव | परीक्षा और प्रतिस्पर्धा से संबंधित तनाव को कम करना |
| व्यवहार प्रबंधन | सोशल मीडिया के दबाव और व्यवहार संबंधी समस्याओं का समाधान |
| वातावरण | स्कूलों में सकारात्मक और सुरक्षित शिक्षण माहौल तैयार करना |
इस पहल का अंतिम लक्ष्य विद्यार्थियों को न केवल बेहतर पढ़ाई के लिए तैयार करना है, बल्कि उन्हें एक संतुलित और तनावमुक्त जीवनशैली जीने के लिए मानसिक रूप से मजबूत बनाना भी है। शिक्षकों का यह प्रशिक्षण आने वाले समय में राजस्थान के स्कूलों में एक सकारात्मक बदलाव लाने की उम्मीद जगा रहा है।
