Jaisalmer लोक अदालत में 53 मामलों का निपटारा, ढाई करोड़ का समझौता

जैसलमेर में शनिवार का दिन कानूनी विवादों में फंसे लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया। जिले में चेक बाउंस से संबंधित पुराने और लंबित मामलों को सुलझाने के उद्देश्य से एक विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला कानूनी सेवा कमेटी के अध्यक्ष और जिला जज ओमी पुरोहित के कुशल निर्देशन में यह…

जैसलमेर में लोक अदालत का आयोजन: चेक बाउंस के 53 पुराने मामलों का मौके पर ही हुआ निपटारा

जैसलमेर में शनिवार का दिन कानूनी विवादों में फंसे लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया। जिले में चेक बाउंस से संबंधित पुराने और लंबित मामलों को सुलझाने के उद्देश्य से एक विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला कानूनी सेवा कमेटी के अध्यक्ष और जिला जज ओमी पुरोहित के कुशल निर्देशन में यह अभियान जिले की सभी अदालतों में संचालित किया गया, जिसका मुख्य लक्ष्य आपसी सहमति से वर्षों पुराने मुकदमों का खात्मा करना था।

इस विशेष लोक अदालत में कुल 1186 मामले सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किए गए थे। इनमें से 53 बड़े और जटिल मामलों को सुलझाने में सफलता मिली। इन मामलों के निस्तारण से कुल ढाई करोड़ रुपये का आपसी लेनदेन तय हुआ, जिससे वर्षों से कोर्ट के चक्कर काट रहे पक्षकारों को बड़ी राहत मिली है। कानूनी सेवा कमेटी के सचिव ललित पुरोहित ने स्पष्ट किया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम जनता को अनावश्यक कानूनी खर्चों और समय की बर्बादी से बचाना है।

लोक अदालत के लिए बनाई गई थीं तीन विशेष बेंच

इस अभियान को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिले में तीन अलग-अलग बेंचों का गठन किया गया था, ताकि मामलों का निपटारा तेजी से हो सके:

  • पहली बेंच (जैसलमेर मुख्यालय): इसकी अध्यक्षता एडिशनल जिला जज महेंद्र कुमार अग्रवाल ने की, जिसमें पैनल वकील भगवान सिंह शेखावत ने सहयोग प्रदान किया।
  • दूसरी बेंच (जैसलमेर मुख्यालय): इस बेंच की जिम्मेदारी चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट रामपाल को सौंपी गई थी, जिसमें वकील किशन प्रताप सिंह सदस्य के रूप में शामिल रहे।
  • तीसरी बेंच (पोकरण): पोकरण में गठित इस बेंच की अध्यक्षता एडिशनल जिला जज डॉ. महेंद्र कुमार गोयल ने की, जिसमें वकील सरवर खां ने सक्रिय भूमिका निभाई।

आपसी सहमति से खत्म हुए वर्षों पुराने विवाद

अदालत परिसर में सुबह से ही दोनों पक्षों के लोगों का तांता लगा रहा। जजों और वकीलों ने बेहद संवेदनशीलता के साथ दोनों पक्षों को समझाया कि आपसी सुलह में ही दोनों का हित है। इस सार्थक संवाद का परिणाम यह रहा कि सालों से चले आ रहे विवाद कुछ ही घंटों में आपसी सहमति से समाप्त हो गए।

विवरण आंकड़े
सुनवाई के लिए रखे गए कुल मामले 1186
मौके पर निपटारा किए गए मामले 53
कुल लेनदेन राशि 2.5 करोड़ रुपये

कानूनी कमेटी ने यह भी भरोसा दिलाया है कि भविष्य में भी इसी प्रकार की सरल और सुलभ प्रक्रियाएं अपनाई जाएंगी, ताकि आम जनता को समयबद्ध न्याय मिल सके और अदालतों के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।


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