निवेश के लिए राजस्थान बना ‘फ्रंट रनर’, नीति आयोग की रिपोर्ट में मिली जगह
निवेशकों के लिए देश के पसंदीदा राज्यों की सूची में राजस्थान ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। नीति आयोग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, निवेश के अनुकूल माहौल और बुनियादी ढांचे के विभिन्न मापदंडों पर खरा उतरते हुए राजस्थान को ‘फ्रंट रनर स्टेट’ की श्रेणी में शामिल किया गया है। पूरे देश में निवेश के लिहाज से राजस्थान 10वें स्थान पर है, जबकि 17 बड़े राज्यों की सूची में यह 8वें पायदान पर काबिज है। नीति आयोग ने अपनी रिपोर्ट में राज्य की उपलब्धियों को सराहने के साथ ही कुछ क्षेत्रों में सुधार की सख्त जरूरत पर भी जोर दिया है।
निवेश रैंकिंग में गुजरात शीर्ष पर, राजस्थान की स्थिति
नीति आयोग द्वारा तैयार की गई इस रैंकिंग में राज्यों का मूल्यांकन सरकारी नीतियों, औद्योगिक वातावरण और इंफ्रास्ट्रक्चर के आधार पर किया गया है। रैंकिंग के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- गुजरात 56.6 अंकों के साथ पहले स्थान पर है।
- महाराष्ट्र दूसरे, तमिलनाडु तीसरे, गोवा चौथे और ओडिशा पांचवें स्थान पर हैं।
- राजस्थान 48.1 अंकों के साथ देशभर में 10वें स्थान पर बना हुआ है।
व्यापारिक माहौल और एफडीआई में सुधार की दरकार
रिपोर्ट में राजस्थान के लिए कुछ अहम नसीहतें भी दी गई हैं। नीति आयोग का मानना है कि राज्य को व्यापारिक माहौल को और अधिक सुगम बनाने तथा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित करने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। वर्तमान में राज्य में एफडीआई का स्तर राष्ट्रीय औसत से 12% कम है। इसके अलावा, धरातल पर निवेश समझौतों (MoUs) को उतारने के मामले में राजस्थान बड़े राज्यों में 11वें स्थान पर है, जिसमें तेजी लाने की आवश्यकता है। उद्योगों को मिलने वाले बैंक कर्ज में भी 4% की कमी देखी गई है, जिसे बढ़ाने की सिफारिश की गई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और संसाधनों की स्थिति
रिपोर्ट के अनुसार, राज्य का प्रदर्शन अलग-अलग क्षेत्रों में मिला-जुला रहा है:
- इंफ्रास्ट्रक्चर: इस श्रेणी में राजस्थान 17 बड़े राज्यों में 12वें स्थान पर है, जो कि चिंता का विषय है। इस मामले में बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्य भी राजस्थान से आगे हैं।
- संसाधन: खनिज संपदा के मामले में राजस्थान का प्रदर्शन शानदार है। राज्य भारत के कुल गैर-धातु खनिज उत्पादन का 33% और धातु खनिज का 14% हिस्सा उत्पादित करता है। इस श्रेणी में राजस्थान बड़े राज्यों में चौथे स्थान पर है।
- नीति और रेगुलेटरी ईज: निवेश के लिए अनुकूल सरकारी नीतियों में राजस्थान तीसरे स्थान पर है, जबकि ‘रेगुलेटरी ईज’ (नियामक सुगमता) के मामले में राज्य 8.1 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर है।
संस्थागत माहौल में सुधार की जरूरत
जहाँ एक ओर राजस्थान ने वेयरहाउसिंग क्षमता में देश में तीसरा स्थान हासिल किया है और निर्माण परमिट के मामले में टॉप तीन राज्यों में जगह बनाई है, वहीं ‘इंस्टीट्यूशन एनवायरनमेंट’ (संस्थागत माहौल) के मोर्चे पर राज्य अभी पीछे है। इस कैटेगरी में राजस्थान 13वें पायदान पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि राज्य सरकार नीति आयोग की इन सिफारिशों पर अमल करती है, तो आगामी वर्षों में राजस्थान निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी स्थिति को और अधिक मजबूत कर सकता है।









