POSCO: नाबालिग बेटी से दरिंदगी करने वाले पिता को 5 साल की सजा

राजस्थान के दौसा जिले से एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने पिता-पुत्री के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया। पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग बेटी के साथ यौन शोषण करने वाले दोषी पिता को 5 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 13…

दौसा: अपनी ही नाबालिग बेटी के यौन शोषण में पिता को 5 साल की कठोर सजा

राजस्थान के दौसा जिले से एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां एक पिता ने पिता-पुत्री के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया। पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग बेटी के साथ यौन शोषण करने वाले दोषी पिता को 5 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 13 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला समाज में एक कड़ा संदेश देने वाला माना जा रहा है।

क्या था पूरा मामला?

घटना अप्रैल 2024 की है। मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी पिता आदतन शराबी है और नशे की हालत में उसने अपनी ही 14 वर्षीय नाबालिग बेटी को हवस का शिकार बनाया। इस घिनौनी हरकत की जानकारी मिलने पर पीड़िता की दादी ने आगे आकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट और संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की और जल्द ही आरोपी के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया।

न्यायालय का सख्त रुख

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूती से अपना पक्ष रखा। विशेष लोक अभियोजक जितेन्द्र सैनी ने अदालत में 6 गवाह और 27 महत्वपूर्ण दस्तावेज पेश किए। सबूतों और गवाहों के बयानों को आधार मानते हुए पॉक्सो कोर्ट की न्यायाधीश रेखा राठौड़ ने आरोपी को दोषी करार दिया।

विवरणजानकारी
दोषीनाबालिग का पिता
सजा5 साल कठोर कारावास
जुर्माना13,000 रुपये
अदालतपॉक्सो कोर्ट, दौसा

न्याय की जीत

  • कोर्ट ने पिता द्वारा बेटी के साथ की गई मारपीट और छेड़छाड़ को अत्यंत गंभीर अपराध माना।
  • पीड़िता की दादी की तत्परता से आरोपी को सलाखों के पीछे भेजा गया।
  • कानूनी प्रक्रिया को पूरी गंभीरता से पूरा करते हुए अदालत ने महज कुछ महीनों में ही अपना फैसला सुना दिया।

कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि परिवार के भीतर इस तरह के अपराध अक्षम्य हैं और दोषी को उसके किए की सजा मिलनी ही चाहिए। इस फैसले के बाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है कि कैसे एक पिता ने अपनी ही बेटी की सुरक्षा के बजाय उसे अपना शिकार बनाया।