अलवर के जय कृष्ण क्लब में चुनावी सरगर्मी तेज: 26 जुलाई को होगा मतदान
राजस्थान के अलवर स्थित ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित जय कृष्ण क्लब की नई कार्यकारिणी के गठन के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू हो गई है। आगामी 26 जुलाई को होने वाले इस चुनाव में क्लब के 867 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस बार के चुनाव में युवाओं की भारी भागीदारी देखी जा रही है, जो क्लब की कार्यप्रणाली में बदलाव की उम्मीद जगा रहे हैं। निर्वाचन अधिकारी अम्बा लाल मीणा ने जानकारी दी कि नामांकन प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई है।
निर्वाचन विभाग के अनुसार, मंगलवार शाम 5 बजे तक कुल 26 नामांकन पत्र प्राप्त हुए हैं। ये सभी उम्मीदवार 14 डेलिगेट पदों के लिए अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। चुनाव की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आगामी दिनों में होने वाली गतिविधियों का विवरण नीचे दिया गया है:
- 22 जुलाई (सुबह 11 बजे): नामांकन पत्रों की गहन जांच (स्क्रूटनी) और वैध उम्मीदवारों की अंतिम सूची का प्रकाशन।
- 23 जुलाई (सुबह 11 से दोपहर 3 बजे): नाम वापसी का अवसर। इसके बाद उम्मीदवारों को आधिकारिक चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे।
- 26 जुलाई (सुबह 9 से शाम 5 बजे): मतदान प्रक्रिया का आयोजन।
- 26 जुलाई (देर रात): मतों की गिनती और चुनाव परिणामों की आधिकारिक घोषणा।
- 27 जुलाई: नवनिर्वाचित डेलिगेट्स द्वारा सचिव, उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों के लिए मतदान।
मैदान में उतरे 26 दिग्गज: डेलिगेट पद के लिए कड़ा मुकाबला
इस चुनाव में कुल 26 उम्मीदवार अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं, जिनमें अनुभवी सदस्यों के साथ-साथ कई युवा चेहरे भी शामिल हैं। डेलिगेट पद के लिए नामांकन दाखिल करने वाले प्रमुख प्रत्याशियों में नानक राठौड़, डॉ. बृजेंद्र गर्ग, श्रेयांशु भुतोरिया, राकेश खंडेलवाल, अनुराग जसुजा, अनुराग जैन, सुनील कुमार आर्य, निखिल अग्रवाल, महेश चंद गर्ग, तरुण अग्रवाल, दीपक खंडेलवाल, बाबू झालानी, भारत भूषण शर्मा, डॉ. राजेंद्र मलिक, अभिषेक तनेजा, रमन देवड़ा, अनिल कुमार अग्रवाल, बी.एस. खंडेलवाल, राकेश रावत, राजेश कुमार गुप्ता, कपिल अडवाणी, मुकेश जैन, कृष्ण कुमार खंडेलवाल, वरुण सिंह, नितिन चौधरी और अनिल चौधरी शामिल हैं।
क्लब के सदस्यों का मानना है कि इस बार का चुनाव बेहद दिलचस्प होने वाला है, क्योंकि मतदाता क्लब के विकास और सुविधाओं में विस्तार के लिए नए और ऊर्जावान नेतृत्व को प्राथमिकता दे सकते हैं। मतगणना के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि अलवर के इस प्रमुख क्लब की कमान किन हाथों में होगी।









