कोटा में कांग्रेस का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम: पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार को घेरा
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव दानिश अबरार ने कोटा में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ संवाद कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के बीच पहुंचे अबरार ने स्पष्ट किया कि पेपर लीक की घटनाएं सरकारी तंत्र की विफलता का परिणाम हैं, जिसका खामियाजा देश के होनहार युवाओं को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाली इस व्यवस्था के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन को और अधिक गति प्रदान करेगी।
भाजपा के दावों को नकारा, मांगों पर अडिग कांग्रेस
मीडिया से बातचीत करते हुए दानिश अबरार ने भारतीय जनता पार्टी के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि कांग्रेस अपने रुख से पीछे हट रही है। अबरार ने दो टूक कहा कि विपक्षी दल अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए भ्रामक दुष्प्रचार कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में उठाई गई मांगें पहले भी वही थीं और आज भी बरकरार हैं। कांग्रेस पार्टी युवाओं को न्याय दिलाने के लिए अपने 8 सूत्रीय मांग पत्र पर मजबूती से कायम है और अंतिम सांस तक इस संघर्ष को जारी रखेगी।
कांग्रेस का 8 सूत्रीय मांग पत्र: मुख्य बिंदु
दानिश अबरार ने सरकार के समक्ष उन प्रमुख मांगों को दोहराया जो देश भर के छात्रों की आवाज बनी हुई हैं:
- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: पेपर लीक और धांधली के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
- NTA की बर्खास्तगी: प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार हो रही अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को तुरंत भंग किया जाए।
- मुकदमों की वापसी: अपने हक के लिए आवाज उठाने वाले निर्दोष छात्रों पर दर्ज किए गए सभी पुलिस केस बिना किसी शर्त के वापस लिए जाएं।
- उच्च स्तरीय जांच: पेपर लीक गिरोह, भू-माफियाओं और इसमें शामिल प्रभावशाली नेताओं के खिलाफ निष्पक्ष और सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सड़क से संसद तक जारी रहेगा युवाओं का संघर्ष
दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर की गई पुलिसिया कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए दानिश अबरार ने इसे देश के इतिहास का काला अध्याय बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि 16 से 20 वर्ष के युवा जो अपनी भविष्य की चिंता को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, उन्हें बेरहमी से पीटा गया। अबरार ने कहा कि जब संसद में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की, तो उन्हें बोलने तक नहीं दिया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार चाहे जितना दमन कर ले, कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर संसद तक छात्रों के भविष्य को बचाने के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।









