Jodhpur News: हनुमान बेनीवाल की खुशी और मिर्ची बड़े पर सियासत गर्म


राजस्थान की राजनीति में इन दिनों 'मगरमच्छ' शब्द चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यह चर्चा चंबल के मगरमच्छों की नहीं, बल्कि रीट-2021 पेपर लीक मामले में शामिल उन सफेदपोशों की है, जिन्हें पकड़ने का वादा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया था। इस बीच, नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल का युवाओं और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के…

रीट पेपर लीक के ‘मगरमच्छों’ पर सियासी घमासान, हनुमान बेनीवाल की ‘छोटी फैन’ और जोधपुर में खेल मंत्री का मिर्ची वड़ा

राजस्थान की राजनीति में इन दिनों ‘मगरमच्छ’ शब्द चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यह चर्चा चंबल के मगरमच्छों की नहीं, बल्कि रीट-2021 पेपर लीक मामले में शामिल उन सफेदपोशों की है, जिन्हें पकड़ने का वादा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया था। इस बीच, नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल का युवाओं और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के बीच बढ़ता प्रभाव और राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का जोधपुर दौरा भी सुर्खियों में है।

रीट पेपर लीक: क्या दिल्ली से आएंगे ‘शिकारी’?

रीट-2021 पेपर लीक कांड ने राजस्थान के हजारों युवाओं के भविष्य को अधर में लटका दिया था। पूर्ववर्ती सरकार के दौरान हुए इस मामले में अब जांच की आंच तेज होती दिख रही है। विपक्ष का आरोप है कि अब तक केवल ‘छोटी मछलियां’ ही पकड़ी गई हैं।

  • केंद्रीय हस्तक्षेप की मांग: राज्य के कृषि मंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इस मामले में उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है। माना जा रहा है कि ‘बड़े मगरमच्छों’ को पकड़ने के लिए अब केंद्रीय एजेंसियों की मदद ली जा सकती है।
  • रणनीति: किरोड़ी लाल मीणा की सक्रियता और कोटा स्टाइल में अपराधियों पर नकेल कसने की चर्चाओं के बीच, उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही दोषियों पर बड़ी कार्रवाई होगी।

हनुमान बेनीवाल और ‘बेबी इन्फ्लुएंसर’ का वाकया

नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल युवाओं और ‘जेन-जी’ को साधने की कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इसी कड़ी में 8 साल की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ‘खुशी’ का नाम चर्चा में है, जो बेनीवाल को अपना ‘न्याय योद्धा’ मानती है। हाल ही में चाकसू में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एक दिलचस्प वाकया हुआ:

कार्यक्रम में मौजूद भाजपा विधायक रामावतार बैरवा ने मंच पर खुशी को देखते ही चुटकी ली। विधायक ने तंज कसते हुए कहा, “तुम आजकल हनुमान बेनीवाल के वीडियो काफी बना रही हो, मैं सब देखता हूं।” इस अप्रत्याशित सवाल पर खुशी केवल मुस्कुराकर रह गई। यह घटना स्पष्ट करती है कि बेनीवाल की बढ़ती लोकप्रियता अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन रही है।

जोधपुर में खेल मंत्री का अंदाज और राजस्थान की ‘जड़ों’ की चिंता

राजनीतिक व्यस्तताओं के बीच, खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का जोधपुर दौरा चर्चा में रहा। मंत्री जी ने एक स्थानीय दुकान पर रुककर जोधपुर के मशहूर ‘मिर्ची वड़े’ का आनंद लिया। उन्होंने न केवल खुद इसका स्वाद लिया, बल्कि अपने साथ मौजूद सहयोगियों को भी खिलाया।

इस बीच, राजस्थान की पहचान और संसाधनों को लेकर एक गंभीर चिंता भी उभरी है। राज्य की जीरा और सौंफ जैसी उपज पर गुजरात के GI टैग मिलने की घटना ने प्रदेश की सुस्ती को उजागर किया है। इसी तरह, राजस्थानी भाषा के संरक्षण के लिए अध्ययन केंद्रों की योजनाएं तो बन रही हैं, लेकिन जब तक हम अपनी जड़ों और संस्कृति को लेकर सजग नहीं होंगे, तब तक केवल सरकारी प्रयासों से पहचान बचाना मुश्किल होगा।