राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: शहर के 17 कब्रिस्तानों में अवैध निर्माण पर लगाई रोक
राजस्थान हाईकोर्ट ने शहर की वक्फ संपत्तियों और कब्रिस्तानों के संरक्षण को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और सख्त आदेश जारी किया है। अदालत ने शहर के 17 चिह्नित कब्रिस्तानों में किसी भी प्रकार के नए अवैध निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। न्यायालय ने इस निर्देश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित सरकारी विभागों और वक्फ समितियों को संयुक्त रूप से निगरानी करने के स्पष्ट आदेश दिए हैं।
न्यायालय का सख्त रुख और याचिका का आधार
न्यायाधीश डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह भाटी और न्यायाधीश प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने मोहिनुद्दीन द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश जारी किए। याचिकाकर्ता ने मारवाड़ वेलफेयर एंड एजुकेशन सोसायटी द्वारा कब्रिस्तान की भूमि पर पार्किंग के लिए 30 मार्च 2024 को जारी की गई निविदा (टेंडर) को रद्द करने की मांग की थी। इसके अलावा, याचिका में वक्फ संपत्ति में किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप को रोकने और सोजती गेट स्थित ‘तकिया चांद शाह’ संपत्ति से अवैध किराया वसूली पर भी रोक लगाने की गुहार लगाई गई थी।
अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश
मामले की सुनवाई के दौरान, नगर निगम की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ने 19 नवंबर 2025 के आदेश की पालना करने के लिए अदालत से अतिरिक्त समय की मांग की। हाईकोर्ट ने निगम के आग्रह को स्वीकार करते हुए उन्हें चार सप्ताह का समय प्रदान किया है। न्यायालय ने अपने अंतरिम आदेश में स्पष्ट किया है कि:
- अगली सुनवाई तक सभी 17 कब्रिस्तानों में किसी भी प्रकार का नया निर्माण कार्य नहीं होगा।
- संबंधित विभागों और वक्फ समितियों को मिलकर अवैध निर्माण की निगरानी करनी होगी।
- मामले की आगामी सुनवाई चार सप्ताह के बाद निर्धारित की गई है।
हाईकोर्ट के इस फैसले को वक्फ संपत्तियों को अतिक्रमण और व्यावसायिक उपयोग से बचाने की दिशा में एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की निगाहें चार सप्ताह बाद होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जिसमें नगर निगम की कार्रवाई की रिपोर्ट पेश की जाएगी।
