Health: 1.10 करोड़ के नए BCMO ऑफिस से सुधरेगी स्वास्थ्य सेवाएं


राजस्थान के बायतू विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गिड़ा मुख्यालय पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। हाल ही में नवनिर्मित ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (बीसीएमओ) कार्यालय भवन का आधिकारिक लोकार्पण संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत…

बायतू क्षेत्र को मिली स्वास्थ्य सेवाओं की नई सौगात: गिड़ा में बीसीएमओ कार्यालय का भव्य शुभारंभ

राजस्थान के बायतू विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गिड़ा मुख्यालय पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। हाल ही में नवनिर्मित ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (बीसीएमओ) कार्यालय भवन का आधिकारिक लोकार्पण संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के मंत्री कुमावत ने फीता काटकर और विधिवत पट्टिका अनावरण के साथ इस आधुनिक भवन को जनता को समर्पित किया।

1.10 करोड़ की लागत से तैयार हुआ प्रशासनिक केंद्र

प्रभारी मंत्री जोराराम कुमावत ने जानकारी देते हुए बताया कि गिड़ा में बीसीएमओ कार्यालय की स्वीकृति वर्ष 2023 में प्रदान की गई थी। इससे पूर्व, प्रशासनिक कार्यों के लिए कार्यालय को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर से अस्थायी रूप से संचालित किया जा रहा था, जिससे स्टाफ और मरीजों को कई तरह की असुविधाओं का सामना करना पड़ता था। अब 1.10 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस नए भवन के शुरू होने से चिकित्सा अधिकारियों और प्रशासनिक कर्मचारियों को एक व्यवस्थित कार्य वातावरण मिलेगा। यह सुधार सीधे तौर पर ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और उनकी कार्यक्षमता को बढ़ाएगा।

स्वास्थ्य संस्थानों की निगरानी होगी अब और अधिक प्रभावी

नया बीसीएमओ कार्यालय क्षेत्र के स्वास्थ्य ढांचे के लिए एक ‘कमांड सेंटर’ की तरह कार्य करेगा। मंत्री ने जोर देकर कहा कि इस भवन के संचालन से सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की मॉनिटरिंग में पारदर्शिता आएगी। इस कार्यालय के प्रशासनिक दायरे में आने वाले स्वास्थ्य संस्थानों का विवरण निम्नलिखित है:

  • 2 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का कुशल संचालन।
  • 8 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की सक्रिय निगरानी।
  • 43 सब-सेंटर के माध्यम से जमीनी स्तर तक पहुंच।

इस नई व्यवस्था से अब दूरदराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ आमजन तक अधिक सटीक, प्रभावी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जा सकेगा। प्रशासन का मानना है कि बुनियादी ढांचे में यह निवेश ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई पर ले जाएगा और स्थानीय निवासियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होगा।