Cyber Fraud: पूछताछ से नाराज व्यापारियों का करवर बंद, पुलिस पर गंभीर आरोप


राजस्थान के बूंदी जिले के करवर कस्बे में बुधवार को पुलिस द्वारा दो व्यापारियों को साइबर फ्रॉड की जांच के नाम पर घंटों हिरासत में रखने के विरोध में व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया। संयुक्त व्यापार समिति के आह्वान पर पूरा बाजार बंद रखा गया और व्यापारियों ने थानाधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग…

बूंदी में पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ व्यापारियों का बड़ा प्रदर्शन, बाजार पूरी तरह बंद

राजस्थान के बूंदी जिले के करवर कस्बे में बुधवार को पुलिस द्वारा दो व्यापारियों को साइबर फ्रॉड की जांच के नाम पर घंटों हिरासत में रखने के विरोध में व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया। संयुक्त व्यापार समिति के आह्वान पर पूरा बाजार बंद रखा गया और व्यापारियों ने थानाधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। व्यापारियों का आरोप है कि पुलिस ने निर्दोष दुकानदारों को अपराधियों की तरह थाने में बैठाकर प्रताड़ित किया, जिससे स्थानीय व्यापारिक जगत में भारी आक्रोश है।

क्या है पूरा मामला?

संयुक्त व्यापार समिति के सचिव मुकेश जिंदल के अनुसार, यह विवाद 21 जुलाई को शुरू हुआ जब करवर थाना पुलिस ने साइबर फ्रॉड से जुड़ी एक संदिग्ध लेनदेन की जांच के लिए दो दुकानदारों को पूछताछ के लिए बुलाया था। व्यापारियों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें करीब 10 से 12 घंटे तक थाने में बैठाए रखा। व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल युग में क्यूआर कोड के जरिए अनगिनत ग्राहक भुगतान करते हैं, ऐसे में यदि कोई लेनदेन संदिग्ध पाया जाता है, तो उसमें दुकानदार की कोई मिलीभगत नहीं होती। अनावश्यक पूछताछ से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है।

पुलिस पर दोहरे मापदंड का आरोप

प्रदर्शनकारी व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। व्यापारियों का दावा है कि पुलिस निर्दोष दुकानदारों पर सख्ती दिखा रही है, जबकि क्षेत्र में सक्रिय कई अवैध गतिविधियों को नजरअंदाज किया जा रहा है:

  • क्षेत्र में खुलेआम चल रहा अवैध बजरी परिवहन और खनन
  • सट्टा और गांजे जैसे नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार।
  • पुलिस द्वारा इन गंभीर अपराधों पर कार्रवाई न करना संदेहास्पद है।

आंदोलन और भविष्य की चेतावनी

बुधवार को करवर का बाजार पूरी तरह से बंद रहा। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व समिति अध्यक्ष श्योजी लाल गुर्जर, सचिव मुकेश जिंदल, माणकचंद जैन, मदन नागर और दिनेश जिंदल समेत कई प्रमुख व्यापारियों ने किया। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि यदि दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की गई और भविष्य में व्यापारियों के साथ ऐसा व्यवहार बंद नहीं हुआ, तो वे अपने आंदोलन को और अधिक तीव्र और व्यापक बनाएंगे। व्यापारियों ने मांग की है कि पुलिस को जांच के नाम पर व्यापारियों का उत्पीड़न बंद करना चाहिए।