आनासागर झील की बदहाली के खिलाफ कांग्रेस का हुंकार, 23 जुलाई को ‘अजमेर बंद’ का ऐलान
अजमेर शहर की जीवनदायिनी कही जाने वाली आनासागर झील की दुर्दशा के विरोध में कांग्रेस ने अपना मोर्चा खोल दिया है। आगामी 23 जुलाई को प्रस्तावित ‘अजमेर बंद’ को ऐतिहासिक बनाने के लिए शहर जिला कांग्रेस कमेटी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। आज सुबह शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल के नेतृत्व में एक विशाल जनसंपर्क रैली निकाली गई, जिसका उद्देश्य व्यापारियों और आमजन को इस आंदोलन से जोड़ना था।
आगरा गेट से शुरू हुई यह रैली नया बाजार, चूड़ी बाजार, पुरानी मंडी, मदार गेट, नला बाजार, दरगाह बाजार और धान मंडी जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों से होकर गुजरी। इस दौरान पूर्व आरटीडीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़, कांग्रेस नेता महेंद्र सिंह रलावता, डॉ. गोपाल बाहेती और नेता प्रतिपक्ष द्रौपदी कोली समेत पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। नेताओं ने दुकानदारों से शहर के व्यापक हित में अपना प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की।
8 घंटे रहेगा अजमेर बंद, आवश्यक सेवाओं को मिलेगी राहत
शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने बंद की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए बताया कि 23 जुलाई को सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक यानी कुल 8 घंटे अजमेर पूरी तरह बंद रहेगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि शहर में बढ़ते प्रदूषण और भविष्य में फैलने वाली संभावित महामारी के खतरे के खिलाफ एक चेतावनी है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि बंद के दौरान आम जनता की सुविधा का ध्यान रखा जाएगा:
- अस्पताल और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह चालू रहेंगी।
- मेडिकल स्टोर को बंद से मुक्त रखा गया है ताकि मरीजों को परेशानी न हो।
विकास की दौड़ में पिछड़ रहा अजमेर: कांग्रेस नेता
इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पर तीखा हमला बोला। महेंद्र सिंह रलावता ने कहा कि राजस्थान के प्रमुख शहरों में शुमार अजमेर आज प्रशासनिक उपेक्षा के चलते विकास की दौड़ में पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहर की पहचान आनासागर झील आज कचरे और गंदगी का केंद्र बन गई है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
डॉ. गोपाल बाहेती ने कहा कि हमारी मुख्य मांगें स्पष्ट हैं:
- आनासागर झील में गिर रहे 13 गंदे नालों को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए।
- शहर की जर्जर सड़कों के गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराई जाए।
- प्रदूषण और महामारी के खतरों से निपटने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार हो।
कांग्रेस नेताओं ने विश्वास जताया है कि अजमेर की जनता और व्यापारिक संगठन शहर के स्वाभिमान को बचाने के लिए इस आंदोलन में बढ़-चढ़कर अपना सहयोग देंगे। प्रशासन को चेताते हुए उन्होंने कहा कि यदि अब भी सुनवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।









