राजस्थान में मानसून की सुस्ती: 13 जिलों में हल्की बारिश के आसार, गर्मी और उमस से किसान परेशान
राजस्थान में फिलहाल भारी बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन प्रदेश के 13 जिलों में हल्की बारिश की उम्मीद जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, जयपुर, भरतपुर और बीकानेर संभाग के कई इलाकों में छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें तो अलवर और कोटपूतली-बहरोड़ में आधा इंच तक बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा, बुधवार शाम को श्रीगंगानगर में भी हल्की वर्षा हुई, हालांकि वहां का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया।
राज्य में मानसून का लंबा ब्रेक खरीफ की फसलों के लिए चिंता का विषय बन गया है। अब तक प्रदेश में औसत से 13 फीसदी कम बारिश हुई है, जिससे फसलें सूखने की कगार पर हैं। राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने 19 जुलाई से मानसून के फिर से सक्रिय होने के संकेत दिए हैं।
राजस्थान में बारिश और तापमान की वर्तमान स्थिति
- बादलों की कमी: मौसम विभाग की सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार, 10 जुलाई के बाद से राजस्थान के अधिकतर हिस्सों से बादल गायब हैं, जिसका सीधा असर कृषि पर पड़ रहा है।
- गर्मी का सितम: पिछले 24 घंटों में श्रीगंगानगर 40.1 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म शहर रहा। वहीं, जैसलमेर में 39.0 और बीकानेर में 38.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
- संभावित बदलाव: 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे बारिश की गतिविधियों में तेजी आ सकती है।
16 जुलाई को इन जिलों में हल्की बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने आज श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, सीकर, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, अलवर, डीग, भरतपुर, धौलपुर, करौली और दौसा जिलों में हल्की बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
राजस्थान के प्रमुख शहरों का हाल
| शहर | अधिकतम तापमान (°C) | मौसम की स्थिति |
|---|---|---|
| जयपुर | 35.0 | साफ आसमान, हल्की उमस |
| उदयपुर | 34.0 | तेज धूप, उमस भरी गर्मी |
| अलवर | 36.0 | बादलों की आवाजाही, हल्की बारिश के आसार |
| अजमेर | 34.7 | सामान्य लेकिन उमस भरा |
| सीकर | – | ठंडी हवाएं, बारिश का इंतजार |
| कोटा | 37.4 | भीषण उमस, फसलों को पानी की जरूरत |
कृषि पर गहराता संकट: राज्य के कई हिस्सों में बारिश न होने के कारण खरीफ की फसलें, विशेषकर मोटा अनाज और दालें, सूखने लगी हैं। कोटा और सीकर जैसे जिलों में किसान मानसून की अच्छी बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, ताकि फसलों को नष्ट होने से बचाया जा सके।
