Patwari भर्ती घोटाला: डमी कैंडिडेट बिठाकर बना था पटवारी, 5 साल बाद गिरफ्तार


सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए धांधली का एक बड़ा मामला सामने आया है। एसओजी (SOG) ने पटवारी भर्ती परीक्षा में अपनी जगह किसी और को बैठाकर परीक्षा पास करने वाले एक आरोपी पटवारी को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने वर्ष 2021 की भर्ती परीक्षा में पास होने के…

पटवारी भर्ती में फर्जीवाड़ा: डमी कैंडिडेट बैठाकर नौकरी पाने वाला पटवारी गिरफ्तार

सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए धांधली का एक बड़ा मामला सामने आया है। एसओजी (SOG) ने पटवारी भर्ती परीक्षा में अपनी जगह किसी और को बैठाकर परीक्षा पास करने वाले एक आरोपी पटवारी को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ने वर्ष 2021 की भर्ती परीक्षा में पास होने के लिए एक बिचौलिए के माध्यम से 5 लाख रुपये का सौदा किया था।

डमी अभ्यर्थी के जरिए पास की थी परीक्षा

एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने जानकारी दी कि जालोर जिले के सांचौर स्थित भादरूणा निवासी दिनेश कुमार विश्नोई ने 23 अक्टूबर 2021 को उदयपुर के एक केंद्र पर खुद परीक्षा देने के बजाय एक डमी कैंडिडेट को बैठाया था। आरोपी ने प्रवेश पत्र पर डमी अभ्यर्थी की फोटो चिपकाई और फर्जी हस्ताक्षर के जरिए उसे परीक्षा में शामिल कराया। इस धांधली के दम पर दिनेश का चयन पटवारी पद पर हो गया और उसे सिरोही जिले की रेवदर तहसील के मगरीवाड़ा पटवार हल्के में तैनाती मिल गई।

गोपनीय शिकायत के बाद खुला राज

इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब एसओजी को एक गोपनीय शिकायत मिली। इसके आधार पर वर्ष 2024 में मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू की गई। जांच में आरोप पुख्ता होने के बाद एसओजी ने आरोपी पटवारी को गिरफ्तार कर लिया है। उल्लेखनीय है कि इस मामले में नाम सामने आने के बाद करीब नौ महीने पहले ही आरोपी को निलंबित कर दिया गया था और उसका मुख्यालय पिंडवाड़ा एसडीएम कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया था।

5 लाख में तय हुई थी डील, बिचौलिए की हो चुकी है मौत

पूछताछ में यह भी सामने आया कि इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए एक बिचौलिए की मदद ली गई थी:

  • आरोपी दिनेश ने अरणाय लियादरा निवासी बिचौलिए चौथाराम विश्नोई के जरिए सौदा तय किया था।
  • परीक्षा में डमी अभ्यर्थी के तौर पर करड़ा के मीरपुरा निवासी विक्रम को बैठाया गया था, जिसके लिए 5 लाख रुपये की डील हुई थी।
  • एसओजी के अनुसार, इस पूरे रैकेट का मुख्य सूत्रधार बिचौलिया चौथाराम था, जिसकी करीब एक साल पहले एक अन्य भर्ती परीक्षा में शामिल होने जाते समय ट्रेन दुर्घटना में मौत हो चुकी है।