अटल भूजल योजना में बड़ा घोटाला: बिना काम किए फर्म को लाखों का भुगतान, चीफ इंजीनियर पर गिरी गाज
जल जीवन मिशन के बाद अब केंद्र सरकार की एक और महत्वपूर्ण योजना ‘अटल भूजल योजना’ में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। आरोप है कि भू-जल विभाग के परियोजना निदेशक और चीफ इंजीनियर सूरजभान सिंह ने अपनी चहेती फर्म को नियमों को ताक पर रखकर बिना काम किए ही लाखों रुपये का अनुचित लाभ पहुंचाया।
केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत धौलपुर जिले में एक करोड़ रुपये से अधिक का टेंडर जारी किया गया था। चौंकाने वाली बात यह है कि संबंधित फर्म ने धरातल पर कोई काम नहीं किया, इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी ने न तो फर्म को समय रहते ब्लैक लिस्ट किया और न ही विभाग द्वारा भेजे गए नोटिसों का कोई जवाब दिया। इस गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते राज्य सरकार ने 14 जुलाई 2026 को आरोपी चीफ इंजीनियर सूरजभान सिंह को चार्जशीट थमाते हुए 15 दिनों के भीतर जवाब तलब किया है।
1.35 करोड़ का टेंडर, धरातल पर शून्य कार्य
राज्य सरकार ने धौलपुर जिले में भूजल संरक्षण के लिए कुल 1 करोड़ 35 लाख 36 हजार 289 रुपये का टेंडर निकाला था। यह कार्य दौसा की ‘नितानंद शिक्षा समिति’ को सौंपा गया था। टेंडर की शर्तों के अनुसार, मार्च 2025 तक फर्म को निम्नलिखित महत्वपूर्ण कार्य पूरे करने थे:
- जिले की सभी ग्राम पंचायतों के लिए ‘जल सुरक्षा योजना’ तैयार करना।
- सभी जल स्रोतों और जलाशयों की सटीक जीपीएस लोकेशन का डेटाबेस तैयार करना।
- ग्राम पंचायतवार जल संसाधनों का व्यापक सर्वे करना।
- चेक डैम, तालाब और ट्यूबवेल जैसे जल स्रोतों की डिजिटल मैपिंग (जियो-रेफरेंसिंग) करना।
- वार्षिक एक्शन प्लान बनाकर उसे धरातल पर उतारना और परिणामों की समीक्षा करना।
भुगतान का लेखा-जोखा
आरोप है कि फर्म ने कोई काम नहीं किया, फिर भी विभाग ने दो किश्तों में भुगतान जारी कर दिया:
| भुगतान का विवरण | राशि (रुपये में) |
|---|---|
| प्रथम भुगतान (दिसंबर 2022 – फरवरी 2023) | 3,11,643 |
| द्वितीय भुगतान (वित्तीय वर्ष 2022-24) | 3,92,107 |
| कुल भुगतान | 7,03,750 |
चीफ इंजीनियर पर लगे प्रमुख आरोप
कार्मिक विभाग द्वारा जारी चार्जशीट में सूरजभान सिंह पर तीन मुख्य आरोप लगाए गए हैं:
- कार्रवाई में ढिलाई: फर्म के विरुद्ध समय पर कोई एक्शन नहीं लिया गया, जिससे सरकार को वित्तीय नुकसान हुआ।
- आदेशों की अवहेलना: उच्चाधिकारियों द्वारा ठेका निरस्त करने और सुरक्षा राशि जब्त करने के स्पष्ट निर्देशों (21 और 29 अगस्त 2025) को नजरअंदाज किया गया।
- नोटिस का जवाब न देना: छह बार स्पष्टीकरण मांगने के बावजूद अधिकारी ने चुप्पी साधे रखी। अंततः 12 सितंबर 2025 को फर्म को ब्लैक लिस्ट किया गया।
क्या बोले आरोपी अधिकारी?
चीफ इंजीनियर सूरजभान सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि भुगतान नियमों के तहत किया गया है। उनके अनुसार, फर्म ने आधा काम पूरा कर लिया था, जिसके एवज में ही भुगतान दिया गया। फर्म के काम छोड़ने के बाद उन्होंने तुरंत कार्रवाई की थी। वहीं, फर्म संचालक राजेश शर्मा ने कहा कि वे सरकार द्वारा लगाए गए आरोपों का उचित जवाब देंगे।
अटल भूजल योजना और जल जीवन मिशन का विवाद
अटल भूजल योजना की शुरुआत 25 दिसंबर 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य जल संकट वाले क्षेत्रों में भूजल प्रबंधन में सुधार लाना है। दूसरी ओर, राजस्थान का 960 करोड़ का जल जीवन मिशन घोटाला भी चर्चा में है, जिसमें पूर्व मंत्री महेश जोशी और रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल सहित 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इन घोटालों ने सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रख दी है।
