Land अतिक्रमण: सरकारी जमीन पर कब्जे के खिलाफ ग्रामीणों ने कलेक्टर को घेरा

भीलवाड़ा जिले की कोटड़ी तहसील के छापरेल गांव में सरकारी भूमि और धार्मिक महत्व वाली नाड़ी पर हो रहे अवैध अतिक्रमण को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने एक स्वर में गांव में बिना लाइसेंस संचालित हो रहे अवैध क्लिनिक और सरकारी जमीन पर किए गए निर्माण के खिलाफ मोर्चा खोल…

भीलवाड़ा: सरकारी जमीन और नाड़ी पर अवैध कब्जे के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

भीलवाड़ा जिले की कोटड़ी तहसील के छापरेल गांव में सरकारी भूमि और धार्मिक महत्व वाली नाड़ी पर हो रहे अवैध अतिक्रमण को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने एक स्वर में गांव में बिना लाइसेंस संचालित हो रहे अवैध क्लिनिक और सरकारी जमीन पर किए गए निर्माण के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपनी मांगों को लेकर आज बड़ी संख्या में ग्रामीण भीलवाड़ा जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

डॉक्टर पर सरकारी जमीन हड़पने और अवैध क्लिनिक चलाने का आरोप

गांव के सरपंच रामेश्वर सिंह ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि छापरेल निवासी एक डॉक्टर ने चामुंडा माताजी की धार्मिक नाड़ी से सटी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। अतिक्रमणकारी ने वहां न केवल पक्का निर्माण किया है, बल्कि चार दुकानें भी बना ली हैं। इतना ही नहीं, आरोपी डॉक्टर ने पीछे की करीब एक बीघा सरकारी भूमि पर भी कब्जा जमा लिया है और वहां से रास्ता निकाल लिया है। सरपंच का कहना है कि आरोपी इन दुकानों को किराए पर देकर अवैध रूप से आर्थिक लाभ उठा रहा है।

आरोप का विवरण संबंधित स्थान/विषय
अवैध निर्माण चामुंडा माताजी धार्मिक नाड़ी
सरकारी भूमि पर कब्जा करीब 1 बीघा जमीन
व्यावसायिक लाभ 4 अवैध दुकानें बनाकर किराया वसूलना
अवैध संचालन बिना लाइसेंस के क्लिनिक

राजनीतिक रसूख का हवाला देकर ग्रामीणों को दी जा रही धमकी

ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने इस अतिक्रमण का विरोध किया, तो आरोपी डॉक्टर अपनी राजनीतिक पहुंच और प्रभाव का हवाला देते हुए उन्हें डराने-धमकाने लगा। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में भी कई बार स्थानीय प्रशासन से इस संबंध में शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे आरोपी के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीण बिना वैध लाइसेंस के चल रहे इस क्लिनिक को स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा मान रहे हैं।

प्रशासन को 7 दिन का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी

जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन को सख्त चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि आगामी सात दिनों के भीतर अवैध क्लिनिक को बंद नहीं किया गया और सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त नहीं कराया गया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। ग्रामीणों ने कहा है कि अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए वे तहसील और जिला स्तर पर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

  • मुख्य मांग: अवैध क्लिनिक को तत्काल प्रभाव से सील किया जाए।
  • सरकारी जमीन: नाड़ी और सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाकर उसे कब्जामुक्त कराया जाए।
  • कार्रवाई: अतिक्रमणकारी के खिलाफ कानूनी धाराओं में मामला दर्ज हो।
  • अल्टीमेटम: 7 दिनों के भीतर समाधान नहीं होने पर उग्र प्रदर्शन।

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