Suraksha Sankalp: 25 सुरक्षा सखियों और महिला वॉलिंटियर्स का सम्मान


डीडवाना-कुचामन जिला पुलिस लाइन में 'महिला सुरक्षा संकल्प अभियान' के तहत एक विशेष जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस के साथ मिलकर काम करने वाली 25 महिला वॉलिंटियर्स, सुरक्षा सखियों और महिला मित्रों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए…

डीडवाना-कुचामन में महिला सुरक्षा का संकल्प: 25 वॉलिंटियर्स सम्मानित, पुलिस ने साझा किए कानूनी अधिकार

डीडवाना-कुचामन जिला पुलिस लाइन में ‘महिला सुरक्षा संकल्प अभियान’ के तहत एक विशेष जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस के साथ मिलकर काम करने वाली 25 महिला वॉलिंटियर्स, सुरक्षा सखियों और महिला मित्रों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और समाज में सुरक्षा का वातावरण तैयार करना है।

सुरक्षा केवल पुलिस की नहीं, समाज की सामूहिक जिम्मेदारी

कार्यक्रम के दौरान डीडवाना थानाधिकारी ऋतु कुमारी ने महिलाओं और बालिकाओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है, लेकिन यह एक सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी भी है। थानाधिकारी ने महिलाओं का आह्वान किया कि वे घरेलू हिंसा, छेड़छाड़, साइबर अपराध या पीछा करने (स्टॉकिंग) जैसी किसी भी अप्रिय घटना के प्रति चुप्पी न तोड़ें और बिना किसी संकोच के तुरंत पुलिस तक अपनी बात पहुंचाएं।

महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधान और सुरक्षा सुझाव

जागरूकता सत्र के दौरान पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को आत्मरक्षा और कानूनी सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। कार्यक्रम के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:

  • साइबर सुरक्षा: अनजान लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी साझा न करने और सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करते समय सतर्क रहने की सलाह दी गई।
  • तकनीकी सहायता: राजकॉप सिटीजन ऐप और विभिन्न पुलिस हेल्पलाइन नंबरों के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया गया।
  • अधिकारों की जानकारी: कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम, विशाखा गाइडलाइंस और वरिष्ठ जन संबल योजना जैसे महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों पर चर्चा की गई।
  • सक्रिय भागीदारी: महिला बीट अधिकारियों की भूमिका और आपातकालीन स्थिति में पुलिस सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया को समझाया गया।

पुलिस प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया कि महिलाएं और बालिकाएं यदि आत्मनिर्भर और जागरूक रहेंगी, तो अपराधों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जा सकेगा। इस संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं और युवतियों ने भाग लिया और सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर अपनी जिज्ञासाएं भी साझा कीं।