भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनोट और ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास के बीच जारी जुबानी जंग के बीच एक नया मोड़ आया है। सौरव दास ने एक हालिया साक्षात्कार में कंगना के साथ किसी भी निजी दुश्मनी से इनकार करते हुए उनसे संवाद की अपील की है। साथ ही, उन्होंने अपनी तुलना ‘यंग ऋतिक रोशन’ से किए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
संवाद से समाधान की अपील
पत्रकार बरखा दत्त के साथ ‘द मोजो स्टोरी’ पर बातचीत के दौरान सौरव दास ने स्पष्ट किया कि उनके मन में कंगना के प्रति कोई द्वेष नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में बहस की संस्कृति कमजोर हो रही है, इसलिए मतभेदों को सुलझाने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्होंने इंस्टाग्राम के जरिए कंगना को शांतिपूर्ण चर्चा के लिए आमंत्रित भी किया था। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह कंगना के साथ ‘कॉफी’ पर मिलना चाहेंगे, तो उन्होंने इसे लेकर कोई आपत्ति नहीं जताई।
‘यंग ऋतिक’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया
सौरव दास ने साझा किया कि उनके दोस्तों ने भी उन्हें इस विवाद में घसीटे जाने पर सवाल किए थे। उनके एक दोस्त ने टिप्पणी की थी कि सौरव काफी हद तक ‘यंग ऋतिक रोशन’ जैसे दिखते हैं। हालांकि, सौरव ने इस तुलना पर हैरानी जताई। गौरतलब है कि साल 2016 में कंगना रनोट और ऋतिक रोशन के बीच ‘सिल्ली एक्स’ (Silly Ex) वाले बयान को लेकर काफी कानूनी विवाद हुआ था, जिस कारण इस तुलना के राजनीतिक गलियारों में अपने मायने निकाले जा रहे हैं।
विवाद की पृष्ठभूमि: स्टूडेंट प्रोटेस्ट पर कंगना की तीखी टिप्पणी
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कंगना रनोट ने स्टूडेंट प्रोटेस्ट और प्रदर्शनकारियों पर सोशल मीडिया के जरिए कड़े हमले किए। कंगना ने अपने बयानों में प्रदर्शनकारियों को ‘गटर छाप’ और ‘जनरेशन गटर’ जैसे शब्दों से संबोधित किया।
- प्रदर्शनकारियों पर निशाना: कंगना ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं और उन्हें अब जनता के गुस्से का सामना करना पड़ेगा।
- महिलाओं पर टिप्पणी: उन्होंने युवा हिंदू महिलाओं की जीवनशैली और उनकी ‘आजादी’ की धारणा पर तीखी टिप्पणी की, जिसे लेकर भारी प्रतिक्रिया हुई।
- सौरव दास से टकराव: कंगना के इन बयानों की आलोचना करते हुए सौरव दास ने कहा था कि उनकी अपनी पार्टी भी उन्हें गंभीरता से नहीं लेती। इस पर कंगना ने पलटवार करते हुए सौरव को ‘बेरोजगार और बेकार’ तक कह दिया था।
कंगना रनोट लगातार अपने सोशल मीडिया पोस्ट्स में तथाकथित पश्चिमी सोच और आत्मनिर्भरता के अभाव को लेकर नई पीढ़ी की महिलाओं पर हमलावर बनी हुई हैं, जिसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी बहस छिड़ी हुई है।









