राजस्थान में महात्मा गांधी स्कूलों का कायाकल्प: कम छात्र संख्या वाले 346 स्कूलों में फिर शुरू होगी हिंदी मीडियम की पढ़ाई
राजस्थान के सरकारी महात्मा गांधी अंग्रेजी मीडियम स्कूलों में छात्रों की घटती संख्या ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब उन अंग्रेजी मीडियम स्कूलों में, जहां विद्यार्थियों की संख्या बहुत कम है, वहां फिर से हिंदी मीडियम शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इस निर्णय के दायरे में प्रदेश के कुल 346 महात्मा गांधी सरकारी स्कूल आ रहे हैं।
हाड़ौती संभाग की बात करें तो यहां के 11 सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल इस बदलाव का हिस्सा बनेंगे। इनमें सबसे ज्यादा सात स्कूल बारां जिले के हैं, जबकि बूंदी में दो और कोटा तथा झालावाड़ में एक-एक स्कूल शामिल है। इन सभी चिन्हित विद्यालयों में विद्यार्थियों का कुल नामांकन 70 से भी कम पाया गया है, जो विभाग के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
शिक्षा विभाग ने जिला अधिकारियों से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की अनुशंसा के बाद शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। शिक्षा विभाग के शासन उप सचिव आलोक जैन के पत्र के उपरांत माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। विभाग यह स्पष्ट करना चाहता है कि अंग्रेजी माध्यम में परिवर्तित होने के बाद इन स्कूलों में छात्र संख्या में बढ़ोतरी हुई है या गिरावट दर्ज की गई है।
- नामांकन की स्थिति: 70 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों की पहचान की जा रही है।
- प्रवेश प्रक्रिया: इन चिन्हित स्कूलों में अब हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों को भी प्रवेश दिया जाएगा।
- संसाधनों का उपयोग: खाली पड़ी कक्षाओं और स्कूल के संसाधनों का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करना सरकार का लक्ष्य है।
पांच बिंदुओं पर आधारित होगी रिपोर्ट
जिला शिक्षा अधिकारी रामचरण मीणा ने बताया कि सरकार का यह कदम पूरी तरह से व्यावहारिक है। विभाग ने पांच महत्वपूर्ण सवालों के आधार पर रिपोर्ट मांगी है ताकि भविष्य की रणनीति तय की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि उच्च स्तर से प्राप्त निर्देशों की शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित की जा रही है। इस बदलाव से न केवल स्कूलों में रौनक लौटेगी, बल्कि उन स्थानीय बच्चों को भी शिक्षा का बेहतर अवसर मिलेगा जो हिंदी माध्यम में पढ़ना चाहते हैं।









