हनुमानगढ़: अमानक बर्फी और मिल्क केक बेचने पर डेयरी संचालक पर 1 लाख का जुर्माना
राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के नोहर कस्बे में स्थित मशहूर गुरूनानक मिल्क डेयरी पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। डेयरी पर खराब गुणवत्ता की बर्फी और मिल्क केक बेचने का आरोप सिद्ध होने के बाद न्याय निर्णयन अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) उम्मेदी लाल मीणा ने संचालक पर 1 लाख रुपए का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। यह दंडात्मक कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत दो अलग-अलग मामलों में 50-50 हजार रुपए के रूप में की गई है।
बर्फी के नमूने ‘सबस्टैंडर्ड’ पाए जाने पर हुई पहली कार्रवाई
मामले की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि पहली कार्रवाई 22 अक्टूबर 2024 को की गई थी। उस दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने गुरूनानक मिल्क डेयरी से बर्फी का नमूना लिया था। जांच के लिए इसे बीकानेर स्थित जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजा गया। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में बर्फी के नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए और उन्हें ‘सबस्टैंडर्ड’ घोषित कर दिया गया। डेयरी संचालक ने निर्धारित समय सीमा के भीतर दोबारा जांच के लिए कोई आवेदन नहीं किया, जिसके चलते पुरानी रिपोर्ट को ही आधार मानकर कार्रवाई की गई।
मिल्क केक की जांच में भी फेल हुई डेयरी
विभाग ने करीब एक साल बाद, 15 अक्टूबर 2025 को उसी डेयरी से मिल्क केक का नमूना लिया। इस बार डेयरी संचालक ने रिपोर्ट को चुनौती देते हुए पुनः परीक्षण का आवेदन किया। इसके बाद नमूने को रैफरल फूड लैब, मैसूर भेजा गया। वहां से आई रिपोर्ट में भी मिल्क केक को ‘सबस्टैंडर्ड’ पाया गया, जिससे प्रशासन का पक्ष और अधिक मजबूत हो गया।
न्यायालय ने माना अधिनियम का उल्लंघन
- डेयरी संचालक के वकीलों ने सुनवाई के दौरान अपने पक्ष में कानूनी तर्क दिए।
- न्यायालय ने प्रयोगशाला की रिपोर्ट और साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया।
- कोर्ट ने माना कि संचालक ने स्वास्थ्य मानकों के साथ खिलवाड़ कर अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री की।
- अदालत ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के उल्लंघन के तहत विभाग की कार्रवाई को पूरी तरह से उचित ठहराया है।
इस फैसले ने जिले के अन्य खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मचा दिया है। प्रशासन का कहना है कि आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।









