Sonam Wangchuk के समर्थन में उतरे युवा, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

राजधानी दिल्ली में नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक के मामले को लेकर देश भर में आक्रोश का माहौल है। इसी कड़ी में नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर में भी छात्रों ने मोर्चा खोल दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में सोमवार को स्थानीय बस स्टैंड पर 10 से 15 छात्र-छात्राएं अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल…

नीट पेपर लीक मामला: सोहागपुर में छात्रों का फूटा गुस्सा, भूख हड़ताल पर बैठे युवा

राजधानी दिल्ली में नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक के मामले को लेकर देश भर में आक्रोश का माहौल है। इसी कड़ी में नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर में भी छात्रों ने मोर्चा खोल दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में सोमवार को स्थानीय बस स्टैंड पर 10 से 15 छात्र-छात्राएं अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी छात्रों ने देश की शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल सुधार और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की पुरजोर मांग की है।

हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी

प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने केंद्र सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों के हाथों में विभिन्न नारों वाली तख्तियां थीं, जो सरकार की विफलता पर सवाल उठा रही थीं। प्रदर्शन का मुख्य आकर्षण निम्नलिखित नारे रहे:

  • धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो: शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग।
  • युवा संवाद भूख हड़ताल: सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास।
  • लाखों सपनों का सवाल: एक पेपर लीक का मतलब लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद होना।
  • भविष्य से खिलवाड़ बंद करो: परीक्षा प्रणाली में सुधार की तत्काल आवश्यकता।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और जवाबदेही

प्रदर्शनकारी छात्रों का स्पष्ट कहना है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस पूरे प्रकरण की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल प्रभाव से अपना इस्तीफा देना चाहिए। छात्रों का तर्क है कि बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक के मामले शिक्षा तंत्र की विफलता को दर्शाते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक ठोस और अभेद्य परीक्षा प्रणाली लागू की जाए, ताकि मेधावी छात्रों का मनोबल न टूटे।

राजनीतिक समर्थन और छात्राओं की भागीदारी

इस आंदोलन को स्थानीय स्तर पर राजनीतिक समर्थन भी मिला है। कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष पुष्पराज पटेल और मंडल अध्यक्ष सुधीर ठाकुर ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर छात्रों के साथ कुछ समय बिताया और उनकी मांगों का समर्थन किया। इस विरोध प्रदर्शन में छात्राओं की भागीदारी भी काफी सक्रिय रही। छात्राओं ने कहा कि कड़ी मेहनत करने के बावजूद पेपर लीक जैसी घटनाओं से उनका भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है।

“कब तक खिलवाड़ होगा?”- छात्रों का सीधा सवाल

प्रदर्शन में शामिल छात्रा स्वर्णा तिवारी ने सरकार से तीखा सवाल करते हुए कहा कि, “आखिर कब तक युवाओं के भविष्य के साथ यह खिलवाड़ चलता रहेगा? एक तरफ सरकार युवाओं को देश का भविष्य बताती है, तो दूसरी तरफ वही युवा अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए सड़कों पर बैठने को मजबूर हैं।” छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि परीक्षा प्रणाली में सुधार और निष्पक्ष जांच की मांग को नजरअंदाज किया गया, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण करेगा।